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नौकरानी की हत्या के लिए बुजुर्ग को आजीवन कारावास की सजा

नौकरानी की हत्या के लिए बुजुर्ग को आजीवन कारावास की सजा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई सत्र न्यायालय ने कर्ज के रुप ली गई रकम को न लौटाने के लिए नौकरानी की हत्या के करने वाले 69 वर्षीय बुजुर्ग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौकरानी की बेटी ने मामले में दोषी पाए गए रविंद्र माने से सोने की चैन व कान के गहने के लिए 15 हजार रुपए कर्ज लिया था। जिसे बेटी लौटा नहीं पा रही थी। अदालत ने इस मामले में माने की बेटी व दमाद को भी  सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार कर्ज के रुप में लिए गए पैसे न लौटाने से नाराज आरोपी ने नौकरानी प्रतिक्षा भोजने की चाकू खोपकर हत्या कर दी थी। इसके बाज लाश को घर के वाटर टैंक में छुपा कर रखा था। बाद में आरोपी की बेटी व दमाद ने लाश को ठीकाने लगाने में मदद की थी। सार्वजनिक जगह में सफासफाई करनेवाले एक शख्स ने पुलिस को शव के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने छानबीन के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रकरण से जुड़े सबूतों पर गौर करने के बाद न्यायाधीश केएम जैसवाल ने माने व उसकी बेटी तथा दमाद को दोषी ठहराया। कोर्ट ने माने को अजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि बेटी व दमाद को सात साल के कारावास की सजा सुनाई।

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