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 गो-ग्रीन मूवमेंट में जबलपुर रेलवे स्टेशन पर नजर आएगी हरियाली की चादर -स्टेशन के थ्री-डी मॉडल का अनावरण

 गो-ग्रीन मूवमेंट में जबलपुर रेलवे स्टेशन पर नजर आएगी हरियाली की चादर -स्टेशन के थ्री-डी मॉडल का अनावरण

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। पमरे में ग्रो ग्रीन मूवमेंट को अमल में लाने का संकल्प लिया गया है, जिसमें आने वाले दिनों में जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चारों ओर हरियाली की चादर दिखाई देगी। यह काम स्टेशन की री-मॉडलिंग के तहत किया जाएगा। ये बात डीआरएम डॉ. मनोज सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्टेशन पर आयोजित पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व अपर महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता ने स्टेशन के थ्री-डी मॉडल का अनावरण किया।

दोनों ओर दिखाई देगी ग्रीनरी

डीआरएम डॉ. सिंह ने बताया कि पमरे के सबसे अहम जबलपुर रेलवे स्टेशन के लिए ग्रो-ग्रीन प्लान तैयार कर लिया गया है, जिसमें स्टेशन के दोनों ओर ग्रीनरी नजर आएगी। पर्यावरण के संरक्षण के साथ हरियाली अभियान को बढ़ावा देने के लिए भी प्रारूप तैयार किया गया है। पर्यावरण के संरक्षण के संकल्प के तहत स्टेशन के एरिया में बड़ी संख्या में पौधारोपण किया जाएगा। वहीं रेलवे के भवनों के पास भी पेड़-पौधे हों, इसके लिए भी विस्तार योजना तैयार की गई है। साथ ही ऐसे उपाय भी किए जा रहे हैं, जिनसे गर्मी को कम करने के साथ कार्बन डायऑक्साइड का प्रभाव कम किया जा सके।

2 साल लगेंगे री-मॉडलिंग में

इस अवसर पर डीआरएम  सिंह ने बताया कि जबलपुर रेलवे स्टेशन को करोड़ों रुपए की लागत से एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। स्टेशन की री-मॉडलिंग में दो से ढाई साल का समय लग सकता है। जो तैयार होने के बाद आर्ट ऑफ एक्सीलेंस नजर आएगा। नए हाईटेक रेलवे स्टेशन में उन सभी सुविधाओं को समावेश किया जा रहा है, जो ए-क्लास एयरपोर्ट पर उपलब्ध होती हैं।

ब्लॉक को रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव

पमरे मुख्यालय ने रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। बोर्ड से एप्रवल मिलने के बाद 21 जून से काम शुरु कर दिया जाएगा। डीआरएम डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि जबलपुर रेलवे स्टेशन की री-स्ट्रक्चरिंग का प्रप्रोजल सभी संबंधित विभागों की सहमति के बाद रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है, जिसमें यह जानकारी दी गई है कि 21 जून से री-स्ट्रक्चरिंग का काम शुरु किया जाना है, जिसमें जबलपुर रेलवे स्टेशन के दो प्लेटफॉर्म बंद कर दिए जाएंगे और कई गाडिय़ों का परिचालन मदन महल और अधारताल रेलवे स्टेशन से किया जाना है। प्रस्ताव तैयार करते समय इस बात का सबसे अधिक ख्याल रखा गया है कि जबलपुर रेलवे स्टेशन से चलने वाली कम से गाडिय़ां री-स्ट्रक्चरिंग से कम से कम प्रभावित हों। माना जा रहा है कि इस सप्ताह रेलवे बोर्ड से री-स्ट्रक्चरिंग प्लान को स्वीकृति मिल जाएगी, जिसके बाद सबसे पहले चैनलिंग और टेलीकॉम-सिग्नलिंग का काम किया जाएगा। साथ ही सीमेंटीकरण का काम भी बड़े स्तर पर किया जाना है, जिसकी प्लानिंग बनाई जा चुकी है।

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