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करतारपुर गुरुद्वारे की जमीन पर पाक का कब्जा, भारत ने कहा- तत्काल वापस करें

March 16th, 2019 08:30 IST
करतारपुर गुरुद्वारे की जमीन पर पाक का कब्जा, भारत ने कहा- तत्काल वापस करें

हाईलाइट

  • करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र सामने आया है।
  • पाकिस्तान ने चोरी-छिपे करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है।
  • भारत ने अब पाकिस्तान से इस पवित्र गुरुद्वारे की इस जमीन को तत्काल गुरुद्वारे को सौंपने के लिए कहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र सामने आया है। जहां इस प्रोजेक्ट को लेकर शुक्रवार को हुई मीटिंग के बाद पाकिस्तान ने भारत के ज्यादातर प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है तो वहीं पाकिस्तान ने चोरी-छिपे करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। भारत ने अब पाकिस्तान से इस पवित्र गुरुद्वारे की इस जमीन को तत्काल गुरुद्वारे को सौंपने के लिए कहा है। सरकारी सूत्रों के हवाले से ये बात कही जा रही है।

गुरुद्वारा के लिए यह जमीन महाराजा रणजीत सिंह और अन्य सिख श्रद्धालुओं ने दान की थी जिस पर पाकिस्तान की सरकार ने कब्जा कर लिया। भारत ने गुरुद्वारे को उसके कानूनी अधिकार से वंचित रखने का विरोध किया है और इसे श्री गुरु नानक देव के भक्तों की भावनाओं की अवहेलना बताया है। भारत ने पाकिस्तान से गुरुद्वारा की इन जमीनों को तत्काल वापस करने की मांग की है। बैठक में हिस्सा लेने वाले एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान झूठे वादे और ऊंचे दावे करने एवं जमीनी स्तर पर कुछ नहीं करने की अपनी पुरानी छवि पर खरा उतरा है।

सरकारी अधिकारी ने कहा, मीटिंग के दौरान पाकिस्तान ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में बिना वीज़ा प्रवेश  करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब पाकिस्तान प्रत्येक तीर्थयात्री के लिए विशेष परमिट जारी करने की बात कह रहा है। भारत ने जहां एक दिन में 5000 तीर्थयात्रियों के प्रवेश की बात मीटिंग में रखी थी तो वहीं पाकिस्तान इसे 500 तीर्थयात्रियों तक सीमित करना चाहता है।

गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) के अधिकारी ने बताया था कि भारत ने प्रोजेक्ट के पहले चरण को शुरू करने के लिए पाकिस्तान से जोर देकर कहा है कि वह प्रति दिन कम से कम 5000 तीर्थयात्रियों के प्रवेश की व्यवस्था करें। इसमें न केवल भारतीय नागरिक बल्कि भारतीय मूल के लोगों को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा था हमने पाकिस्तान से गुरू पर्व और बैसाखी सहित विशेष दिनों में, जब कॉरिडोर में बड़े पैमाने में तीर्थयात्री आएंगे उस समय 15000 तीर्थयात्रियों को अनुमति देने का आग्रह किया था। अधिकारी ने कहा था कि पूरे साल देश और दुनिया के लोग बिना ब्रेक के यहां आएंगे लेकिन गुरू पर्व और बैसाखी जैसे विशेष दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में इन विशेष दिनों के लिए ज्यादा तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जानी चाहिए।

बता दें कि यह कॉरिडोर पाकिस्तानी शहर करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय पंजाब के गुरदासपुर जिले से जोड़ेगा। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए करतारपुर गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे। पाकिस्तान ने इस साल नवंबर में गुरू नानक देव की 550वीं जयंती पर कॉरिडोर को खोलने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। 

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