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अधर में 'लोकपाल', शिकायतकर्ता भी लटके , अधिकांश जगह यही स्थिति

अधर में 'लोकपाल', शिकायतकर्ता भी लटके , अधिकांश जगह यही स्थिति

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के बाद राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में ग्रीवन्स कमेटी सुचारु हो चुकी है, लेकिन कमेटी के ऊपर होने वाली लोकपाल की नियुक्ति कई माह से लंबित है। ऐसे में यूनिवर्सिटी में शिकायत निवारण का तंत्र एक स्तर पर आकर लटक जाता है। कमेटी द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देने के लिए अपील करने वालों के पास फिलहाल कोई मंच नहीं है। दरअसल विवि में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ग्रीवन्स रिड्रेसल कमेटी शुरू हुई है, जो विद्यार्थियों की विविध प्रकार की शिकायतों का 15 दिन के भीतर निवारण करती है। बीते मई में ही ग्रीवन्स कमेटी पर एक लोकपाल की नियुक्ति करने का निर्णय हुआ था, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में ही इसी प्रकार की स्थिति है। अन्य सभी गैर-कृषि विश्वविद्यालयों में भी अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

ऐसा होगा लोकपाल
राज्यपाल कार्यालय से एक जिम्मेदार व्यक्ति को बतौर लोकपाल नियुक्त किया जाना है। यह लोकपाल विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति के फैसले के खिलाफ दायर की गई अपीलों पर फैसला करेगा। दरअसल शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ हुए बुरे बर्ताव और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) बीते कुछ समय से सक्रियता दिखा रहा है। इसी कड़ी में नागपुर विवि में विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने और विशेष शिकायत निवारण समिति गठित करने के आदेश दिए गए थे। विवि की विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति को 15 दिन के भीतर विद्यार्थियों की शिकायत का निवारण करना होता है अन्यथा विद्यार्थी इसके बाद लोकपाल के पास जा सकते हैं। विवि की अधिकृत वेबसाइट www. nagpuruniversity. org पर स्टूडेंट ग्रीवन्स रिड्रेसल लिंक अपलोड कर दी गई है, लेकिन लोकपाल की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है।

यूनिवर्सिटी में इस साल से गठित ग्रीवन्स कमेटी सक्रिय हो गई है। प्रभारी प्र-कुलगुरु डॉ. विनायक देशपांडे की अध्यक्षता वाली इस समिति में विद्यार्थी कल्याण संचालक व अन्य अधिकारियों को रखा गया है। समिति भी विद्यार्थियों की शिकायत पर फटाफट निर्णय दे रही है। कॉलेज द्वारा दस्तावेज नहीं लौटाना, कोर्स पूरा नहीं कराना, इंटरनल अंकों का विवाद जैसे विविध विषयों पर विद्यार्थियों को राहत मिलती नजर आ रही है। लोकपाल की नियुक्ति पर डॉ. देशपांडे ने बताया कि हाल ही में कमेटी ने रफ्तार पकड़ी है। लोकपाल की नियुक्ति पर भी काम जारी है। जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी। 
 

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