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नए ड्राइविंग लाइसेंस में रहेगा मोबाइल नंबर,माइक्रोचिप और क्यूआरकोड

नए ड्राइविंग लाइसेंस में रहेगा मोबाइल नंबर,माइक्रोचिप और क्यूआरकोड

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश में मोटर वाहन अधिनियम 2019 के अंतर्गत कई राज्यों में नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब पुराने वाहन लाइसेंस में भी फेरबदल होेने जा रहा है। नए लाइसेंस में मोबाइल नंबर भी रहेगा। आधुनिक तरीके से नए लाइसेंस बनाए जाएंगे।  नए तरीके से बनाए जाने वाले लाइसेंस में उसके धारक से जुड़ी कई तरह की जानकारी होगी, जिससे किसी भी लाइसेंस धारक के साथ कोई भी अनहोनी या हादसा होने पर उसके बारे में जानकारी उसके अपनों तक आसानी से पहुंच जाएगी।
 
सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में बहुत जल्द ड्राइविंग लाइसेंस पर अब मोबाइल नंबर (संपर्क नंबर) लिखा जाएगा। इससे वाहन के लाइसेंस धारक की पहचान होने में आसानी हो जाएगी। मौजूदा समय में कई बार हादसा होने के बाद लाइसेंस धारक का पता लगाने में लंबा समय निकल जाता है। पुलिस भी काफी परेशान हो जाती है। आधुनिक तरीके से बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस पर मोबाइल नंबर दिया जाएगा। साथ ही उस पर माइक्रोचिप और क्यूआरकोड होगा।  ट्रैफिक पुलिस को क्यूआर कोड की जानकारी हासिल हाे सके, इसके लिए ट्रैकिंग डिवाइस की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी सरकार की योजना बन रही है। राज्य के सभी आरटीओ में इस आधुनिक ड्रायविंग लाइसेंस को बनाए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।  जानकारों का मानना है कि नए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की सबसे खास बात यह है कि यह भी पता चल जाएगा कि चालक ने नियम का उल्लंघन कब किया था। बता दें कि इस नए ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी में 15 से 20 रुपए ही खर्च होगा।

लाइसेंस बनाने के नियम में होगा बदलाव

देश में मोटर वाहन अधिनियम 2019 के लागू होने से कई राज्यों में वाहन चलाने के लाइसेंस तैयार करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। इसी तरह वाहनों के पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) में बदलाव हुआ है। सूत्रों के अनुसार अब ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाणपत्र का स्वरूप एक सामान ही रहेगा। नए नियम के अनुसार स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) में क्यूआर कोड आैर मायक्रोचिप होगी। यह ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी कलर और प्रत्येक राज्याें में समान मुद्रित करेगा। इसी तरह आरसी आैर डीएल में जानकारी उसी जगह पर होगी। कारण पहले के लाइसेंस व आरसी का स्वरूप भिन्न थे और जानकारी अलग होती थी। क्यूआर कोड आैर चिप में पुराने रिकार्ड तो होंगे, लेकिन नए सिरे से सारी जानकारी भी होगी। इसकी मदद से ड्राइवर और वाहन संबंधी सभी पंजीकृत जानकारी केंद्रीय डेटाबेस से मिल सकेगी। ट्रैफिक पुलिस को सुविधा हो सके, इसलिए प्रत्येक डीएल के पीछे आपातकालीन मोबाइल व संपर्क क्रमांक लिखा रहेगा। इससे पुलिस या कोई भी संबंधित व्यक्ति के बारे में संपर्क कर जानकारी दे सकेगा। पहले प्रत्येक राज्य में डीएल और आरसी के लिए खुद के स्वरूप तैयार किए थे। इस कारण कुछ जानकारी लाइसेंस के सामने और कुछ जानकारी लाइसेंस के पीछे वाले हिस्से में छापी जाती थी, लेकिन अब नए नियम के अनुसार डीएल आैर आरसी की जानकारी एक ही जगह पर होगी। 

माइक्रोचिप वाले सॉफ्टवेयर तैयार हो रहे हैं

हां, यह सही है। आने वाले समय में आरटीओ विभाग आधुनिक तरीके से कार्य करेगा। अब माइक्रोचिप वाले सॉफ्टवेयर तैयार हो रहे हैं। इसकी जल्द ही टेस्टिंग की जाएगी। टेस्टिंग का कार्य पूरा होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। माइक्रोचिप व क्यूआरकोड कार्य में सरलता प्रदान करेंगे। इसके लिए दूसरे फीचर भी इसमें शामिल रहेंगे, इसमें ड्राइविंग लाइसेंस पर अब आपातकालीन संपर्क नंबर भी शामिल होगा। -दिनकर मनोहर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, शहर आरटीओ

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