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केरल में मानसून ने दी दस्तक, भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप


हाईलाइट

  • आज केरल पहुंचा मानसून, कई जिलों में जारी किया गया रेड अलर्ट
  • 10 से 15 दिन में भारत के सभी राज्यों में सक्रिय होगा मानसून
  • भारत के कई राज्यों में बना रहेगा गर्मी का प्रकोप

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। आज मानसून ने केरल में अपनी दस्तक दे दी है। भीषण गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। मानसून दो दिन की देरी से केरल में पहुंचा। मानसून का आगाज देश के अलग-अलग राज्यों तेज हवाओं, आंधी-तूफान और हल्की बारिश के साथ होगा। हालांकि उत्तर भारत में मानसून के पहुंचने में दो से तीन दिन और पूरे भारत में सक्रिय होने में करीब 10-15 दिन का समय लगेगा। मौसम विभाग ने इस वर्ष 96 प्रतिशत बारिश होने की संभावना जाहिर की है। 

दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में आज भी भीषण गर्मी जारी है। कई जगहों पर बादल छाए हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि देर शाम तक बारिश हो सकती है। दिल्लीवालों को राहत मिल सकती है, लेकिन यहां पर मानसून इस बार 10 से 15 दिन देर से ही पहुंचेगा। वहीं उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से कम से कम 26 लोगों की मौत होने की खबर है और 57 अन्य घायल हो गये। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार से मंगलवार तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान,पंजाब, हरियाणा,चंडीगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र के विदर्भ में ‘भीषण गर्मी’ का प्रकोप जारी रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून केरल पहुंचा। जिसके मद्देनजर शुक्रवार को केरल के चार जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। इसके अलावा 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। पिछले साल केरल में आए जलप्रलय में लगभग 400 लोगों की जान चली गई थी साथ हजारों लोग बेघर हो गए थे। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने सामान्य मानसून की भविष्यवाणी की है। 9 जून के आसपास दक्षिण पूर्व और पूर्वी अरब सागर से सटे केरल-कर्नाटक तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे तेज होने की भी संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।

ये शहर सबसे गर्म
शुक्रवार को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में 46.8 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा जबकि राजस्थान में चुरू का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कई स्थानों पर हुई हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी। 

मानसून के सभी क्राइटेरिया पूरे
मौसम एजेंसी स्कायमेट के मुताबिक मानसून तीन क्राइटेरिया से होकर आता है। जिसमें OLR (आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन), दूसरा विंड फील्ड और तीसरा वर्षा शामिल हैं। स्कायमेट ने कहा, मॉनसून 2019 कम से कम एक सप्ताह पीछे चल रहा है। मानसून की सुस्त चाल के पीछे का कारण बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अरब सागर में किसी भी वेदर सिस्टम की अनुपस्थिति को माना जा सकता है, लेकिन अब धीरे-धीरे स्थितियों अनुकूल बनती नजर आ रही है।

केरल में अलर्ट 
पिछले साल केरल में आई जल प्रलय के बाद इस बार प्रशासन ने जमीन स्तर पर पहले से सभी तैयारियां पूरी कर ली है। गुरुवार को केरल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (केएसडीएमए) ने घोषणा की थी कि वह मानसून से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय मौसम विभाग के साथ प्राइवेट वेदर एजेंसी स्कायमेट का अनुमान है कि इस बार ज्यादातर जिलों में भीषण बारिश की पूरी संभावना है। ऐसे में केरल में 10 जून को त्रिशूर जिले में और 11 जून को एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन तारीख पर केरल में भीषण बारिश होगी। जिन आठ जिलों में ऑरेजं अलर्ट घोषित किया गया है उनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझीकोड शामिल है। इसके साथ ही मछुआरों को भी सलाह दी गई है कि वे 7-11 जून तक समुद्र में मझली पकड़ने के लिए ना जाए। साल 2018 में केरल में बारिश से तबाही मची थी, करीब 400 लोगों की जानें गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। 


 

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