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हिरासत में ही रहेगा नीरव मोदी, लंदन की कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

March 30th, 2019 14:05 IST

हाईलाइट

  • नीरव मोदी की जमानत को लेकर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
  • अधिकारियों ने कोर्ट में सबूतों की एक नई फाइल पेश की है।
  • क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के टोबी कैडमैन ने कहा कि नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी।

डिजिटल डेस्क, लंदन। पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13700 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की जमानत याचिका दूसरी बार लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने खारिज कर दी है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब नीरव मोदी को कुछ दिन और हिरासत में ही रहना होगा। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अधिकारियों ने कोर्ट में सबूतों की एक नई फाइल पेश की। भारत का प्रतिनिधित्व क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के टोबी कैडमैन ने किया। नीरव मोदी को अब 26 अप्रैल को अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। बता दें कि नीरव मोदी की 19 मार्च को हिरासत में लिया गया था।

सुनवाई के दौरान कैडमैन ने कहा कि नीरव मोदी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी है। इतना ही नहीं  वह भारतीय एजेंसियों के साथ भी सहयोग नहीं कर रहा है। कैडमैन ने कहा हो सकता है कि नीरव जमानत मिलने के बाद देश छोड़कर चला जाए। नीरव गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों को नष्ट करने का भी प्रयास कर सकता है।

वहीं नीरव मोदी के वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने कहा कि उनके क्लाइंट जनवरी 2018 से ब्रिटेन में है। नीरव मोदी को अगस्त 2018 से पता है कि उनके प्रत्यर्पण की कोशिशें की जा रही है और उनके लिए दुनिया में कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं है। क्लेयर ने कहा कि वह ब्रिटेन में खुलेआम रहते हैं और कभी भी उन्होंने छिपने का कभी प्रयास नहीं किया।

उन्होंने कहा, बचाव पक्ष का सुझाव है कि नीरव मोदी को ज़मानत देकर घर में नज़रबंद कर दिया जाए और उनकी इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग भी की जा सकती जो कि पहले से ज़्यादा सख़्त है और इस दौरान वो स्थानीय पुलिस स्टेशन को रिपोर्ट कर सकते हैं। आप उन्हें ख़ास तरह का फ़ोन दे सकते हैं कि जिनसे अधिकारी हमेशा उनसे संपर्क में रह सकते हैं।

रक्षा और अभियोजन दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मोदी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए, मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट ने कहा कि 'नीरव मोदी ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक दूरस्थ द्वीप देश वानूअतू की नागरिकता हासिल करने की कोशिश की थी। इससे पता चलता है कि नीरव एक महत्वपूर्ण समय में भारत से दूर जाने की कोशिश कर रहे थे।' कोर्ट को ये बताया गया था कि नीरव मोदी ने 200,000 अमेरिकी डॉलर के निवेश के आधार पर वानुआतु की नागरिकता हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि नीरव मोदी के खिलाफ भारत में चल रही आपराधिक जांच के चलते उनके नागरिकता के अनुरोध को खारिज कर दिया गया।   

बता दे ंकि लंदन की सड़कों पर घूमते हुए देखे जाने के बाद नीरव के खिलाफ गिरफ्तार वारंट जारी किया गया था। नीरव  ने गिरफ्तार से बचने के लिए कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने लंदन की सड़को पर नीरव को देखे जाने के बाद कहा था कि 'हम नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कार्यवाही कर रहे हैं। लंदन में वह देखा गया, इसका यह मतलब नहीं है कि हम उसको तुरंत भारत ले आएंगे। इसके लिए एक प्रक्रिया होती है, जो हम कर रहे हैं।'

गौरतलब है कि ED और CBI मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस ब्रांच में हुए 13700 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की जांच कर रही है। इस घोटाले को अंजाम देने का आरोप हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी पर है। दोनों ही घोटाले को अंजाम देने के बाद देश से फरार हो गए थे।

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