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पाकिस्तान के तेवर पड़े ढीले, अब भारत से जीवन रक्षक दवाओं का करेगा आयात

पाकिस्तान के तेवर पड़े ढीले, अब भारत से जीवन रक्षक दवाओं का करेगा आयात

हाईलाइट

  • पाकिस्तान में हुई जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत
  • भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म किए एक माह भी नहीं बीता
  • अब भारत से दवाओं के आयात की अनुमति दे दी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट कुछ इस कदर बढ़ी कि वह अपने नुकसान या फायदे को भी नहीं भांप सका। इस बौखलाहट में पाक ने भारत से व्यापारिक रिश्ते भी खत्म कर लिए, लेकिन अब पाकिस्तान का यह कदम उसके लिए ही भारी पड़ रहा है। यहां जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत हो गई और दवाओं के अभाव में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

आपको बता दें कि व्‍यापार रोके हुए अभी एक महीना भी नहीं बीता, लेकिन इस बीच पाकिस्तान के तेवर ढीले पड़ते नजर आने लगे। एक ओर जहां पाकिस्तान द्वारा व्यापारिक रिश्ते खत्म कर लेने का कुछ खास असर भारत पर नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के इस निर्णय से पाकिस्तान में हाहाकार मच गया।

आंशिक रूप से व्यापार
दरअसल भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म करने के बाद साथ ही वहां के व्यापारियों को मजबूरन भारत से दवाएं मंगवाना बंद करना पड़ा। ऐसे में हालात कुछ यूं बने के मरीज दवाओं के लिए तड़पने लगे और आखिरकार अपनी गलती का अहसास होते ही पाकिस्तान ने सोमवार को भारत से जीवनरक्षक दवाओं के आयात करने को मंजूरी दी है। वहीं मंगलवार को भारत के साथ आंशिक रूप से व्यापार को बहाल कर दिया है। 

टीवी के जरिए मिली जानकारी
पाकिस्तानी न्यूज चैनल जिओ टीवी और दुनिया टीवी के अनुसार पाकिस्‍तान सरकार ने सोमवार को भारत से जीवन रक्षक दवाओं के आयात को मंजूरी दे दी है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने वैधानिक नियामक आदेश जारी कर अपने यहां की दवा उद्योग को भारत से दवाओं के आयात की अनुमति दे दी।

पाकिस्तान इन वस्तुओं का करता है आयात 
पाकिस्तान भारत से जैविक रसायन, कपास, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह और स्टील के सामान, दवा और तांबा आदि आयात करता है। जबकि भारत को ताजे फल, सीमेंट, खनिज और अयस्क, तैयार चमड़ा, प्रसंस्कृत खाद्य, अकार्बनिक रसायन, कच्चा कपास, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद, अल्कोहल पेय, चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक, डाई और खेल का सामान निर्यात करता था।

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