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6 महीनों में यौन उत्पीड़न के 24 हजार केस, सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की चिंता

6 महीनों में यौन उत्पीड़न के 24 हजार केस, सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की चिंता

हाईलाइट

  • सीजेआई खुद लेंगे यौन उत्पीड़न के मामलों पर संज्ञान
  • वरिष्ठ वकील वी गिरी को नियुक्त किया सलाहकार
  • रेप और मर्डर पर सख्ती बरतने की तैयारी में सुको

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के साथ बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों पर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए बढ़े मामलों पर चिंता जताई। समाचार पत्रों और न्यूज वेबसाइटों में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं के संबंध में प्रकाशित घटनाओं पर सीजेआई ने चिंता व्यक्त की है।

सीजेआई ने कहा कि वह इन मामलों पर खुद संज्ञान लेकर उसका परीक्षण करेंगे। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील वी गिरी को इन मुद्दों के लिए कोर्ट का सलाहकार नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट बढ़ते रेप और मर्डर के मामलों में सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है।

वर्तमान में भी बारह साल से कम उम्र के बच्चों से बलात्कार करने वालों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है, पिछले साल पोस्को कानून में संसोधन कर इस जोड़ा गया था, इसके बाद भी ऐसे मामलों में बढ़ोतरी जारी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 6 महीने के दौरान बच्चों के साथ हुए रेप के मामलों के बारे में जानकारी मांगी थी, उन्होंने कुल मामले, विचाराधीन और जिनमें चार्जशीट दाखिल हो गई, ऐसे मामलों में रिपोर्ट मांगी थी।

रिपोर्ट में सामने आया कि पिछले छह महीनों के दौरान देशभर में 24,000 बच्चों से यौन उत्पीड़न किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी से 30 जून 2018 तक 24212 मामले सामने आए। देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन अपराधों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। 

इन मामलों में से 11981 केस में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच कर रही है। इसका अर्थ है कि 50 प्रतिशत मामलों में जांच ही पूरी नहीं हुई है। 12231 मामले ऐसे हैं, जिनमें चार्जशीट दायर की जा चुकी है। 6449 मामलों में ट्रायल भी शुरू हो चुका है, जबकि 4871 में बाकि है। कोर्ट 911 मामलों में अपना फैसला सुना चुकी है।

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