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घाटी में बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में आतंकी, अलर्ट जारी

December 04th, 2017 17:59 IST
घाटी में बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में आतंकी, अलर्ट जारी

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कश्मीर में बीते दिन आतंकियों ने बारामूला पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड बम हमला किया था, जिसके बाद से सुरक्षाबल और मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में खबर आ रही है कि सुरक्षाबलों के ऑपरेशन ऑल आउट से हताश आतंकी अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की बरसी यानी छह दिसंबर के आसपास कश्मीर घाटी में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। आतंकियों की इस साजिश को नाकाम करने के लिए देश की खुफिया एजेंसियों ने राज्य पुलिस समेत सभी सुरक्षाबलों को अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही घाटी में सभी संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी तेज

सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन तेज करने के साथ ही ह्यूमन ग्राउंड इंटेलीजेंस नेटवर्क व इलेक्ट्रानिक सर्विलांस भी तेज कर दिया गया है। बता दें कि इस साल घाटी में अब तक 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। सुरक्षाबलों की यह बड़ी सफलता है। वहीं कई स्थानीय आतंकी आत्मसमर्पण कर घर वापसी कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तानी आंतकी हताश होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देनें की फिराक में हैं। वे अपने कैडर का मनोबल बनाए रखने के लिए किसी भी बड़ी घटना को करने से जरा भी नहीं चूकेंगे।

बताया जा रहा है कि आतंकी सरगनाओं ने कश्मीर में अपने आत्मघाती कैडर को यह जिम्मा सौंपा है। हमले के लिए आतंकी संगठन सुरक्षाबलों के किसी काफिले किसी नागरिक प्रतिष्ठान को अपना निशाना बना सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, आतंकी अपनी साजिश को अनंतनाग-श्रीनगर-बारामुला-हंदवाड़ा राजमार्ग पर भी अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। जानकारी के अनुसार इसके लिए आत्मघाती आतंकियों के दो से तीन दस्ते भी तैयार किए गए हैं। आतंकियों के मंसूबों को भापते हुए सुरक्षाबलों ने पूरी घाटी में चौकसी बढ़ा दी है। आतंकियों के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। 


 

60 आतंकवादी कश्मीर घाटी में घुसे हैं

इंटेलिजेंस एजेंसियों का कहना है कि पिछले दो माह में पाक की सीमा से करीब 60 आतंकवादी कश्मीर घाटी में घुस गए हैं। इनमें से ज्यादातर आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुल 12 बैच बनाकर कश्मीर में घुसे इन आतंकियों ने कश्मीर घाटी में छुपने के लिए कई खूफिया जगहों को भी तलाश लिया है। जैश और लश्कर के आतंकियों ने सितंबर के आखिरी हफ्ते में कश्मीर घाटी में घुसना शुरू किया था। बता दें कि सर्दियों के दिनों में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर को क्रॉस करना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन ये आतंकी सर्दी शुरू होने से तुरंत पहले ही घाटी में घुसने में सफल रहे। 

मिलिट्री इस्टेब्लिशमेंट को निशाना बनाने की धमकी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि घाटी में घुसे आतंकी कुपवाड़ा, माछिल, उरी, नौगांव केरान और बांदिपोरा के आस-पास छुपे हुए हैं। हाफिज सईद के रिहा होने के बाद लश्कर के आतंकियों के हौसले भी बुलंद हुए हैं। फिलहाल, इंटेलिजेंस एंजेंसियां उन दो आतंकियों को ट्रैक करने में लगी है, जिन्होंने हाल में इंडियन आर्मी के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री इस्टैब्लिशमेंट को निशाना बनाने की धमकी दी थी।

इन आतंकियों ने धमकी देते हुए कहा था कि अगले दो से तीन महीनों में मिशन को कामयाब करने के लिए सुरक्षा बलों को फिदायन हमलों से निशाना बनाया जाएगा। सीनियर ऑफिसर के मुताबिक, जैसा कि कश्मीर घाटी के युवा अब आतंकियों की मदद नहीं कर रहे हैं तो उन्होंने फॉरेन रिक्रूटमेंट कर दहशत फैलाने की ठानी है। हाल ही में देखने को मिला है कि घाटी के युवा आतंकी ग्रुप से जुड़ने के बाद, फिर से अपने परिवार के पास लौट रहे हैं।

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