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विदर्भ में तूफानी बारिश : आंधी-तूफान से पेड़ धराशायी, 7 बच्चे हुए घायल, 3 गंभीर

विदर्भ में तूफानी बारिश : आंधी-तूफान से पेड़ धराशायी, 7 बच्चे हुए घायल, 3 गंभीर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अमरावती, यवतमाल, वर्धा, गड़चिरोली। विदर्भ के अमरावती, यवतमाल, वर्धा और गड़चिरोली जिले में शुक्रवार शाम तेज आंधी के साथ आई बारिश ने जमकर तबाही मचाई। इससे कई स्थानों पर घर के टिन शेड उड़ गए और अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे गिर जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। अमरावती के परतवाड़ा में आंधी तूफान के चलते नगराध्यक्ष सुनीता फिस्के के मकान के टीन उड़ गए। भूगांव में एसटी बस पर एक पेड़ गिर गया। किसी तरह की जानहानि नहीं हुई है। कई मकानों के कवेलू और टीन उडऩे के समाचार हैं। 

वर्धा जिले के सेलू में आंधी तूफान और बारिश के कारण टाकली (झ) गांव के करीब 12 मकानों के छत उड़ गए। इस बीच दीवार ढह जाने से  एक गाय की मौत हो गई और एक दुपहिया क्षतिग्रस्त हो गई। 

दिग्रस में पेड़ धराशायी, 7 बच्चे घायल

जिले में आंधी-तूफान से एक प्राचीन विशाल वृक्ष धराशायी हो गया। वृक्ष के नीचे दबने से वहां खेल रहे 7 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पास ही के अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिसमें 3 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना गुरुवार की शाम की है।  ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में  आए बवंडर ने हर जगह दहशत मचा दिया है। पशु चिकित्सा कार्यालय के पास रहने वाले नसीर खान गफ़्फ़ार खान के निवास के सामने एक विशाल पीपल का वृक्ष था जो तेज आंधी-तूफान के चलते उनके आवास पर गिर गया। ढह गए पेड़ के कारण घर के सामने खेल रहे परिवार के बच्चे घायल हो गए। अनम फिरदोस (7 ),  नूरजहां (7) , सुल्तान (6)  के सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण  गंभीर घायल हो गए हैं, जबकि नासिर खान, शमशाद बी, आयशा अंजुम और बिलाल को भी काफी चोट पहुंची है। 

घर की दीवारों में पड़ी दरार
बताया जाता है कि गुरुवार की शाम आए बवंडर से विशालतम वृक्ष सीधे घर की छत पर जा गिरा जिससे आंगन में खेल रहे बच्चे घायल हो गए। सौभाग्य से जीवन बच गया। घायलों का इलाज ग्रामीण अस्पताल में किया जा रहा है । मकान पर वृक्ष गिरने के कारण, घर की दीवारों में दरार आ गई है। साथ ही टेंट और घर में मौजूद अन्य सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई है।

तेज आंधी-तूफान से तालुका के देवरवाड़ी में भी आंधी-तूफान से कई घरों के कवेलू और टीन की छतें उड़ने की जानकारी है। शे.महमूद सहित 8 से 10 लोगों को भारी नुकसान हुआ है। चिंचोली,कलसा, सावंगा बु,धानोरा,निंभा, विठोली, तुपटाकली, कांदली ,महागांव, कलगांव, डेहणी,चिरकुटा, फुलवाडी, आरंभी,मोख,तिवरी,लाख रायाजी,साखरा, हरसुल,गांधीनगर, मांडवा,रोहनादेवी, आमला,खंडापुर, रामनगर,इसापुर,दत्तापुर, कोलुरा,साखरी, फेट्री  तहसील के कई घरों की टीन की छतें उड़ गई है। यहां बड़ी संख्या में आर्थिक हानि होने से पीड़ितों ने सरकार से मदद की मांग की है।  

यवतमाल जिले की दिग्रस तहसील में गुरुवार देर रात ताजनगर परिसर स्थित पशु चिकित्सालय के समीप विशालकाय पीपल का पेड़ तूफान में धराशायी हो गया।  इसकी चपेट में आकर सात बच्चे घायल हो गए। इसके अलावा देऊरवाड़ी (पुनर्वास) के ८ से १० मकानों की छत उड़ गईं। 

गाज गिरने से 1 की मौत

यवतमाल जिले की महागांव तहसील के करंजखेड गांव के एक खेत में गुरुवार देर रात बिजली  गिरने से एक किसान आत्माराव मेरजी ठाकरे (80) की मौत हो गई। 

गड़चिरोली जिले की देसाईगंज तहसील में शुक्रवार शाम अचानक आए आंधी-तूफान के कारण अनेक स्थानों पर पेड़ गिर गए और कुछ लोगों के घरों की छत उडऩे और विद्युत आपूर्ति खंडित होने की खबर है। 

बौछारें भी कम नहीं कर पाईं गर्मी का मिजाज

उधर नागपुर में तीखी गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से मानसून पूर्व की कुछ हलचलें शुक्रवार को अपने पूरे जोर पर नजर आईं। सुबह से तीखी धूप और गर्मी ने शहर को हलाकान किया। दोपहर करीब 3 बजे 20 किमी की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली। करीब आधा घंटा तक शहर में अंधड़ बना रहा। धूल के कारण सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल होता रहा। बादलों का डेरा भी आसमान पर छा गया और हल्की बौछारों पड़ने लगीं। हालांकि आंधी और बौछारों के बाद भी गर्मी घटने का नाम नहीं ले रही। 

नमी का प्रवेश

पारा शुक्रवार को भी गुरुवार के आंकड़े के आस-पास बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ऊपर रहा। एक उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ और तेलंगाना होते हुए दक्षिणी-आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से कुछ नमी का प्रवेश हो रहा है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री ऊपर 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता अधिकतम 40 तथा न्यूनतम 39 प्रतिशत रही।

दोपहर में बदला मौसम

सुबह से तीखी धूप थी। मौसम सूखा और आसमान साफ था। दोपहर बाद तेज हवा के साथ धूल का गुबार उठा और पूरे शहर पर छा गया। मौसम में अचानक बदलाव आया और आसमान बादलों से ढंक गया। करीब 4.30 बजे बौछारें शुरू हुईं, हालांकि नमी की कमी के चलते बौछारें बूंदाबांदी में बदल गईं। शुक्रवार को उपराजधानी सहित जिले के कई स्थानों पर तेज हवा और धूल के गुबार का जोर रहा। शहर में भले ही वर्षा बूंदाबांदी में तबदील रही, लेकिन शहर से सटे कई गावों और कस्बों में तेज बौछारों ने भिगोंया। सावनेर, कमठी कन्हान, कलमेश्वर में तेज वर्षा जारी रही। 

पूर्वी हवाओं के चलते नहीं आ रही नमी

मौसम जानकारों के अनुसार मानसून पूर्व की हलचलें सक्रीय हैं। हालांकि हवा का रुख पूर्वी बना हुआ है। इससे नमी का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। आस-पास बने लोकल सिस्टम में भी इतनी नमी नहीं है कि वह शहर तक पहुंच सके। इससे ही शहर सूखा और आस-पास का ग्रामीण इलाका भीग रहा है।

कन्हान के पास गिरे बिजली के खंभे

तेज हवाओं के चलते कन्हान उपविभाग में खेड़ी खोपड़ीगांव के पास 26 उच्चवाहनी के खंभे तथा 9 लघुदाब वाहनी के खंभे गिर गए। इसके चलते खेड़ी खोपड़ी गांधीनगर तथा गाहू हिवारा गांव अंधेरे में डूब गए। 

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