वकालत: अभिषेक बनर्जी ने की राजनीतिक पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा की वकालत

अभिषेक बनर्जी ने की राजनीतिक पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा की वकालत
  • तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक पदों की आयु पर की बात
  • कहा - पार्टी पदों के लिए ऊपरी आयु सीमा तय करने की जरुरत

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पार्टी पदों के लिए ऊपरी आयु सीमा तय करने की जोरदार वकालत की। बनर्जी ने उत्तर बंगाल के अपने निर्धारित दौरे पर रवाना होने से पहले कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा,“मुझे लगता है कि अन्य सभी व्यवसायों की तरह राजनेताओं के लिए भी ऊपरी आयु सीमा होनी चाहिए। मैं जानता हूं कि पार्टी के अंदर अनुभव के लिए दिग्गजों और वरिष्ठों की मौजूदगी जरूरी है. लेकिन साथ ही एक ऊपरी आयु सीमा भी होनी चाहिए।”

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय इस आयु कारक पर विचार किया जाएगा तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। “यह हमारी नेता ममता बनर्जी को तय करना है। अगर मुझसे पूछा जाएगा तो मैं अपनी राय दूंगा।''

पार्टी नेतृत्व में ऊपरी आयु सीमा के पक्ष में अपनी बात पर जोर देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि राजनीति में चौबीसों घंटे की जिम्मेदारी शामिल है, इसलिए एक निश्चित उम्र के बाद किसी के लिए ऐसा करना संभव नहीं है।

इस बिंदु पर उन्होंने वृद्ध नेतृत्व के प्रति कांग्रेस के जुनून का भी मजाक उड़ाया। बनर्जी ने कहा,“शायद सत्ता और पद की भूख के कारण कांग्रेस युवा नेताओं को आगे नहीं आने देना चाहती। वहां युवा नेताओं को हमेशा किनारे कर दिया जाता है. लेकिन मुझे लगता है कि अगर किसी के पास क्षमता है तो उसे लंबे समय तक वश में नहीं किया जा सकता है। ”

राजनीतिक पर्यवेक्षक उनकी टिप्पणियों को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में पार्टी के एक संगठन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया टिप्पणियों के बिल्कुल विपरीत मानते हैं, जहां अभिषेक बनर्जी मौजूद नहीं थे।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य सौगत रॉय का जिक्र करते हुए उन्‍होंने उम्र को महज एक मानसिक कारक बताया. “उम्र में क्या रखा है? यह सिर्फ दिमाग में है।'' अब यह देखना होगा कि क्या अभिषेक बनर्जी की एक विरोधाभासी टिप्पणी से तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक बहस का एक नया दौर शुरू होता है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   4 Dec 2023 10:39 AM GMT

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story