Maharashtra Politics: राहुल गांधी के विवादित बयान पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने क्या कहा? वारिश पठान ने उठाया ये सवाल

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विवादित बयान पर राजनीति गरमाई हुई है। उनके बयान पर AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने सवाल उठाया है। वारिस का कहना है कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ कुछ कहा है तो अच्छा वही होगा कि आप उन्हीं से सवाल पूछिए और उन्हीं से जवाब मांगे। इस मामले में मैं क्या बोलूं? बता दें कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
यह भी पढ़े -महाराष्ट्र-दक्षिण कोरिया साझेदारी से कौशल विकास को बल मिलेगा, मुख्यमंत्री बोले - युवाओं को मिल सकेगा वैश्विक स्तर पर मौका
नीट पेपर लीक मामले में दी प्रतिक्रिया
वारिस पठान ने नीट पेपर लीक मामले में कहा कि बच्चों का भविष्य खराब हो गया है। एक लड़के ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि ये आत्महात्य नहीं, बल्कि सरकार की ओर "कोल्ड ब्लेडेड मर्डर" था। मगर प्रधानमंत्री आए और कहा कि विदेश यात्रा बंद कर दीजिए, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करे।
मेलोडी टॉफी के मामले में क्या कहा?
AIMIM प्रवक्ता ने मेलोडी टॉफी के मामले में कहा, "आपने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए। मगर आप खुद विदेश यात्रा करने चले गए। पूरे देशवासियों को टेंशन में डालकर प्रधानमंत्री पांच देशों की यात्रा पर निकल गए। गरीब तबका पेट्रोल-डीजल की मार झेल रहा है। इतनी उसको तकलीफ हो गई है लेकिन मोदी जी उधर घूम रहे हैं। इटली की प्राइम मिनिस्टर को मिलते हैं तो उनको मेलोडी की चॉकलेट दे रहे हैं। मेलोडी दिखा रहे हैं। ये क्या है? थोड़ा तो संवेदनशील होना चाहिए, देश का दर्द तो आप समझो।" उन्होंने आगे सवाल पूछते हुए कहा, "पीएम मोदी एक आम आदमी का दर्द कब समझेंगे? पूरे देश को आपने टेंशन में डाल दिया है।"
यह भी पढ़े -महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों में ई-सिगरेट तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़, 120 करोड़ से अधिक कीमत की ई-सिगरेट जब्त
बांद्रा बुलडोजर कार्रवाई पर कही ये बात
मुंबई के बांद्रा में बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इस मामले में उन्होंने कहा, "दिल बहुत दुखी है, आहत है। सदियां लग जाती हैं एक घर बसाने में, आप तरस नहीं खाते बस्तियां उजाड़ने में। आपने बुलडोजर से 400 घरों को उजाड़ दिया। 400 घरों के परिवार आज वहां बांद्रा ईस्ट में रास्ते पर धूप में बैठे हुए हैं। बुजुर्ग, बच्चे समेत तमाम लोग वहां है, सामान तितर बितर पड़े हुए हैं। बच्चों की किताबें तितर बितर पड़ी हुईं हैं। कोई हाल पूछने वाला नहीं है। कोई हाल देखने वाला नहीं है। अगर अवैध अतिक्रमण था तो इतने सालों से क्या कर रहे थे? वो भ्रष्ट कर्मचारी कहां है, जिसने ये अतिक्रमण होने दिया। क्या उनके घरों को भी आप तोड़ेंगे? उनके घरों पर आप कब बुलडोजर चलाएंगे? वो तो लाखों रुपये कमाकर बैठकर मलाई खा रहे हैं।"
Created On :   22 May 2026 12:18 AM IST













