विधानसभा चुनाव 2026: सीपीआई का गढ़ रहे परावूर में वामपंथी वी. डी. सतीशन ने लगातार चार बार जीतकर, इलाके की राजनीतिक दिशा ही बदल दी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। परावूर विधानसभा सीट केरल के एर्नाकुलम जिले में आती है, यहां की राजनीति पर समुद्री मज़दूरों, मछुआरा का प्रभाव अधिक रहता है। लंबे समय तक परावूर को मध्य केरल में कम्युनिस्ट आंदोलन का एक मजबूत गढ़ माना जाता था।
परावूर में तटीय असुरक्षा और शहरी संपर्क का मिलाजुला रूप देखने को मिलता है, जो एक जटिल सामाजिक-आर्थिक पहचान को जन्म देता है, यह सीधे तौर पर चुनावी को भी प्रभावित करता है। यहां हिंदू, ईसाई और मुस्लिम मतदाता सभी मिलजुल कर रहते है। क्योंकि यहां श्रमिक-आधारित सामाजिक ढांचा है।
आपको बता दें आजादी के बाद से लंबे समय तक परावूर कम्युनिस्ट राजनीति का मजबूत केंद्र रहा। CPI की मजबूत संगठनात्मक संरचनाओं और उनकी एकजुटता ही चुनावी जीत की पहचान बन गया था। धीरे-धीरे कम्युनिस्ट का प्रभुत्व कमजोर पड़ने लगा, वोटर्स ने विचारधारा की विरासत और जनप्रतिनिधि के प्रदर्शन के बीच फर्क करना शुरू किया। अब परावूर के मतदाता विचारधारा,पार्टी और उसके प्रतीकों की तुलना में रोजमर्रा के शासन और कामकाज के आधार पर नेतृत्व का मूल्यांकन कर मतदान करते है। यहीं प्रमुख वजह है कि वी. डी. सतीशन की लगातार चार जीतों ने परावूर की राजनीति की दिशा ही बदल दी। आज परावूर को CPI का गढ़ नहीं बल्कि सतीशन का अभेद किला माना जाता है। सतीशन का उभार केरल की व्यापक राजनीति में आए उस बदलाव को भी दर्शाता है, जहां व्यक्तिगत विश्वसनीयता पार्टी की विरासत को टक्कर देने लगी है। मछुआरों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए आजीविका की सुरक्षा ही यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है।
परावूर एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां राजनीति अपनी स्मृतियों को लंबे समय तक संजोकर रखती है। समय के साथ यहां कम्युनिस्टों की राजनीतिक निश्चितता धीरे-धीरे फीकी पड़ती गई, हालांकि यह बदलाव किसी अचानक विचारधारात्मक टूटन की वजह से नहीं हुआ , बल्कि नेतृत्व की उस शैली के उभार से हुआ जिसने प्रतिनिधित्व को परखने का तरीका ही बदल दिया। आज परावूर की पहचान जितनी उसके Leftists अतीत से है, उतनी ही पहचान चार बार लगातार चुनाव जीतने वाले नेता वी. डी. सतीशन से भी है। 140 विधानसभा सीट वाले केरल में 14 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। यहां एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होना है। मतगणना 4 मई को होगी।
Created On :   29 March 2026 1:07 PM IST












