मॉनसून सत्र: सरकार का बिल, विपक्ष की राय, सदन में हंगामा से चर्चा बाधित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में आज पेश हुए सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने एएनआई को जानकारी देते हुए कहा आज एक अहम दिन है क्योंकि एक महत्वपूर्ण पेपर को लेकर कई घटनाएं हुई हैं। छात्र आंदोलन भी हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत बड़े कदम भी उठाए हैं। आज हम एक बिल लेकर जो आ रहे हैं तो हम चाहते हैं कि सभी को इसमें भाग लेना चाहिए। आज हम पेपर लीक को लेकर एक कठोर कानून बना रहे हैं तो इसमें अगर सभी शामिल नहीं होंगे तो एक अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
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विधेयक पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर पहले से मौजूद कानून को लेकर निशाना साधते हुए कहा पहले जो कानून बनाए थे, क्या वे कमजोर थे? बच्चों पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ? क्या आपको राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ था? वे पढ़े-लिखे बच्चे थे। जबकि विधेयक को लेकर बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा का कहना है कि आने वाले समय में पेपर लीक ना हो और पेपर लीक होने पर दोषियों को कड़ा दंड दिया जाए, इसके लिए यह बिल लाया जा रहा है और कांग्रेस ने पहले ही अपना असली चेहरा दिखा दिया है। वो बिल का विरोध करने का रास्ता ढूंढ रहे हैं। ये नहीं चाहते हैं कि सदन चले। मैं विपक्ष को कहना चाहता हूं कि सदन में चर्चा करो, सदन को चलने दो। सदन में चर्चा होना जरूरी है।
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जेएमएम सांसद महुआ माजी ने विधेयक पर चर्चा करने को लेकर न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा हम बिल पर चर्चा करना चाहते हैं। सत्ता पक्ष चर्चा करानी नहीं भी चाहती है और कराती भी है तो वे वही करते हैं जो वे करना चाहते हैं। पहले भी कई तरह के आश्वासन मिले थे कि पेपर लीक नहीं होगा। छात्रों का आंदोलन देखते हुए हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न देखने को मिले, छात्रों पर लाठियां चलाई गईं और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे, विपक्ष की राय लेकर ठंडे दिमाग से बिल बनाना चाहिए।
Created On :   27 July 2026 1:46 PM IST










