मॉनसून सत्र: क्या नए कानून से रूकेगा पेपर लीक होना? पक्ष- विपक्ष के नेताओं ने एक दूसरे पर निशाना साधा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार सदन में इसे रोकने के लिए नए कानून विधेयकों को लेकर पक्ष-विपक्ष में तकरार जारी है। सत्तारूढ़ और विरोधी दल के नेता बिल को लेकर एक दूसरे पर निशाना साध रहे है।
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राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा प्रधानमंत्री शुरू से ही छात्रों की समस्या के निदान के प्रति गंभीर थे। ऐसा सख्त कानून जिसमें कड़ी सजा हो और आर्थिक दंड मिले, इसका बिल अभी आ जाएगा। टास्क फोर्स का भी गठन हुआ है। हम इसका स्वागत करते हैं, कोई अपराध न हो इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने मीडिया से कहा आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किए जाने पर कहा यह कानून से नहीं रुक सकता। सपा सांसद ने कहा पेपर लीक या तो वहां से होता है, जहां पेपर तैयार किया जाता है या जहां पेपर छपता है या कुछ बहुत महत्वपूर्ण कोचिंग सेंटर जिनकी बहुत पहुंच है, वहां से पेपर लीक होता। उन्होंने आगे कहा ये सारा घपला तब से शुरू हुआ जब से प्रक्रिया डिजिटल हो गई। जब डिजिटल नहीं था, तब ऐसा नहीं होता था। इसका कोई फायदा नहीं होगा, इससे पेपर लीक या हैक करना बहुत आसान है।
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नए बिल के पक्ष में भाजपा नेता शशांक मणि त्रिपाठी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक बहुत सार्थक प्रस्ताव है और मैं समझता हूं कि पूरे देश में जिज्ञासा है कि हम कैसे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें। मैं समझता हूं कि पूरे देश ने देख लिया है कि हम छात्रों की सही मायने में रक्षा करते हैं।
Created On :   27 July 2026 12:14 PM IST











