शिक्षा पर सियासत: नीट विवाद की गूंज राज्यों तक, आंध्र-तेलंगाना और पंजाब में भी उठी शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देश की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पंजाब में भी शिक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों को लेकर शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठ रही है। विपक्ष और बीजेपी अपने-अपने राज्यों में सरकारों को घेर रहे हैं। कहीं भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है तो कहीं छात्रों की फीस का पैसा नहीं मिलने का मुद्दा है। पंजाब में परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन तीनों राज्यों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीति तेज हो गई है।
आंध्र प्रदेश में DSC परीक्षा को लेकर विवाद
वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने DSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब नीट पेपर लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, तो आंध्र प्रदेश में भी ऐसा होना चाहिए। जगन ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना है कि करीब 3.5 लाख उम्मीदवारों की परीक्षा में कई अनियमितताएं हुईं। वहीं, नारा लोकेश ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि जो लोग नैतिक जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं, उनका अपना रिकॉर्ड भी साफ नहीं है।
तेलंगाना में फीस के पैसे को लेकर सरकार घिरी
वहीं, तेलंगाना बीजेपी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से शिक्षा विभाग छोड़ने की मांग की है। बीजेपी का कहना है कि छात्रों की ट्यूशन फीस री-इंबर्समेंट योजना के करीब 12,000 करोड़ रुपये अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। पार्टी का दावा है कि इससे लगभग 20 लाख छात्र प्रभावित हो रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि अगर सरकार जल्द भुगतान नहीं करती है तो लोगों का विरोध और बढ़ सकता है।
पंजाब में पेपर लीक पर इस्तीफे की मांग
इसके अलावा दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार के उस मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जिसके विभाग से जुड़े फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं। सिरसा ने आम आदमी पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले पेपर लीक पर मंत्री हटाने की बात कही गई थी लेकिन अब कार्रवाई नहीं की जा रही है।
Created On :   27 July 2026 10:25 AM IST










