kalkaji Temple Priest Murder: कालकाजी मंदिर पुजारी की हत्या मामले में गरमाई सियासत, AAP ने सत्ताधारी बीजेपी पर साधा निशाना

कालकाजी मंदिर पुजारी की हत्या मामले में गरमाई सियासत, AAP ने सत्ताधारी बीजेपी पर साधा निशाना
  • कालकाजी मंदिर के पुजारी की हत्या को लेकर बीजेपी पर हमलावर विपक्ष
  • आप ने दिल्ली सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
  • घटना को हिंदू धर्म की आस्था पर कुठाराघात बताया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पुजारी की हत्या मामले में सियासत गरमा गई। विपक्षी दल कानून व्यवस्था को लेकर केंद्र शासित प्रदेश की रेखा गुप्ता सरकार पर हमलावर हैं। इसी क्रम में दिल्ली के पूर्व सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि बीजेपी की चार इंजन की सरकार होने के बाद भी यह घटना हुई। यह केवल हत्या नहीं बल्कि हिंदुओं की आस्था पर हमला है। इस सब की वजह बीजेपी सरकार-दिल्ली पुलिस की नाकामी है।

शनिवार (30 अगस्त) को आप के विधायक अनिल झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "वैसे तो देशभर में बीजेपी धार्मिंक उन्माद फैलाती है, लेकिन दिल्ली में धर्म की रक्षा कर रहे पुजारी की जान नहीं बचा पाई। दिल्ली में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथों में होने के कारण ही हत्या, लूटपाट, चोरी, रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली की बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी अत्यंत चिंचित है। केंद्र और दिल्ली में बीजेपी की सरकार है। एमसीडी, कैंटोमेंट बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए ओर एलजी सब बीजेपी के अधीन है। बीजेपी खुद को धर्म का सबसे बड़ा पैरोकार मानती है। मंदिरों के लिए आंदोलन, मंदिरों को बचाने और पुजारियों के रख-रखाव का प्रयास करती रही है। इसके बावजूद आज देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी स्थिति बन गई है कि बीजेपी सरकार की इंटेलिजेंस फेल नजर आ रही है।"

दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल

आप विधायक ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कहा, "अभिषेक धारिया पूर्वी दिल्ली के डीसीपी हैं। 25 लाख रुपए की फिरौती को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने के दौरान अभिषेक धारिया ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई 'साहब' का इसमें नाम आया है। यह दिल्ली पुलिस का मानसिक दिवालियापन है। दिल्ली की कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथ में है।" उन्होंने आगे कहा, "एक तरफ बीजेपी कहती है कि वह धार्मिक अस्था पर पीछे नहीं हट सकती और दूसरी तरफ बीजेपी के ही राज में मंदिर का पुजारी, गुरुद्वारे का ग्रंथी और मस्जिद का मौलाना, गिरजाधर का पादरी सुरक्षित नहीं है। तो क्या बीजेपी उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक मजबूत कानून व्यवस्था का सिर्फ झूठा ढिंढोरा पीट रही है?"

Created On :   30 Aug 2025 8:47 PM IST

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