Kulgam Terror Attack: कुलगाम हमला पर BJP चीफ ने फारूक अब्दुल्ला पर साधा निशाना, कहा - '6 महीने का वीजा...'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले पर सियासत उबाल पर है। इस आतंकी हमले की टाइमिंग को लेकर जम्मू कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला के सवाल उठाने पर बीजेपी अध्यक्ष सत शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को क्लीन चिट देना इन नेताओं की सोच में हमेशा रहता है। इन लोगों को पाकिस्तान का छह महीने का वीजा दिया जाना चाहिए ताकि माहौल की तुलना कर सकें। हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान के इशारे पर ही अटैक होते रहे हैं।
बीजेपी ने एनसी पर कुलगाम हमले को लेकर साधा निशाना
जम्मू कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा, "अगर आज हम सभी सुरक्षित हैं, तो यह उन्हीं एजेंसियों की वजह से है जिन पर ये लोग अब आरोप लगा रहे हैं। हमारे सैनिक और सुरक्षाकर्मी सीमाओं पर पहरा देते हैं और घर पर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान कभी नहीं चाहता कि जम्मू-कश्मीर वातावरण ठीक बने। 2 निहत्थे लोगों को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो घर से बाहर आकर यहां पर काम कर रहे थे। अपने जीवन का गुजारा कर रहे थे।"
उन्होंने फारूक अब्दुल्ला अब्दुल्ला को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि संवैधानिक तौर पर बड़े पद पर रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जी को यह ध्यान में रहना चाहिए कि इन एजेंसियों के कारण लोग सुरक्षित हैं। यहां का वातावरण सुरक्षित है।" उन्होंने दावा करते हुए ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में जो काम हो रहा है, उससे एक सकारात्मक माहौल बना है।
कुलगाम में 31 जुलाई को हुआ आतंकी हमला
जम्मू कश्मीर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने ये भी कहा कि हम सभी और पाकिस्तान भी जानता है कि जैसे उन्हें अतीत में 'ऑपरेशन सिंदूर' के नतीजे भुगतने पड़े थे, वैसे ही इस बार भी उन्हें ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ सकता है। उन वीरों की शहादत कभी बेकार नहीं जाएगी। इसके पीछे जो लोग भी हैं, उन्हें निश्चित रूप से बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, "मेरा तो मानना है कि इन लोगों को पाकिस्तान का छह महीने का वीजा दिया जाना चाहिए। उन्हें वहां जाकर रहने का पूरा अधिकार है। उन्हें जाने दें और वहां के मौजूदा हालात खुद देखें। आज वहां कोई भी नागरिक सुरक्षित नहीं है। उनके नाजायज कब्जे में जो पीओके का हिस्सा है, सभी देख रहे हैं कि वहां का कैसा वातावरण है, वो लोग भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। मेरा तो सीधे तौर पर यही कहना है कि इनलोगों को 6 महीने पाकिस्तान में रखा जाए, ताकि इनको पता चले कि वहां की परिस्थितियां कैसी हैं और हमारे यहां जम्मू कश्मीर का माहौल कैसा है।"
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार (31 जुलाई) को आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। ये दोनों मजदूर कुलगाम के केलम गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे।
Created On :   2 Aug 2026 12:35 AM IST












