मिडिल ईस्ट संघर्ष: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर मोहन भागवत की कड़ी टिप्पणी, अमेरिका का नाम लिए बिना कसा तंज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। इसका असर दुनियाभर के ईंधर पर पड़ा है। इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी सामने आई है। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में कहा कि दुनिया को भारत की जरूरत है। ऐसा इसलिए उन्होंने कहा कि भारत ही एक देश ऐसा है, जो सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की सोचता है। उन्होंने आगे कहा कि देश के पास संस्कृति, ज्ञान और ताकत होने के बाद भी हजारों साल तक गुलामी झेली है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश कुछ अच्छी बतों और तैयारियों को संभालने में असमर्थ रहा। इसके साथ ही भागवत ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग हो रही है, लेकिन इसका असर भारत में तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
देश की गुलामी पर क्या कहा?
आरएसएस प्रमुख का कहना है, "संस्कृति, सभ्यता, ज्ञान-विज्ञान होने के बाद भी यह परिस्थिति क्यों आई कि हमने 1000 वर्षों की गुलामी झेली। हमने हजार वर्ष गुलामी झेली, जिन्होंने हमें गुलाम बनाया, वे कोई हमसे श्रेष्ठ नहीं थे। संख्या में भी वे हमसे अधिक नहीं थे। बहुत दूर से आकर उन्होंने हमको जीता। किसी मामले में वे हमसे बेहतर नहीं थे, हमसे बदतर ही थे। कुछ बातें हमारी थीं, जिन्हें हमने संभालकर नहीं रखा, हम उन्हें भूल गए। हमने अपनी तैयारी को खो दिया। उस तैयारी को हमें फिर से करना पड़ेगा।"
अमेरिका का बिना लिए साधा निशाना
मोहन भागवत ने अमेरिका का बिना नाम लिए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है, "हम देखते हैं कि बल सम्पन्न देश मनमानी करते हैं। चाहे तो किसी देश को हथिया लो, चाहे तो किसी देश पर बम मार दो या दुनिया के तेल की सप्लाई बंद कर दो। भारत के बारे में यह विचार बने कि वह शक्ति सम्पन्न होकर ऐसा नहीं करेगा बल्कि सबको साथ लेकर चलेगा।"
कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग पर क्या कहा?
भागवत ने कहा, "संघ के शताब्दी वर्ष के दो तिहाई कालखंड के बीच यह कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न हो रहा है। इस बीच समाज जीवन के संपर्क अभियान का बहुत अच्छा अनुभव हो रहा है। भारत का भविष्य जिस कंधे पर है, वह हिन्दू समाज संगठित हो रहा है और जागृत हो रहा है।"
Created On :   4 Jun 2026 10:58 PM IST











