Monsoon Session: 30 दिन की जेल से मंडराएगा PM-CM की कुर्सी पर खतरा! मानसून सत्र में मोदी सरकार के इस बिल से संसद में मचेगा बवाल

30 दिन की जेल से मंडराएगा PM-CM की कुर्सी पर खतरा! मानसून सत्र में मोदी सरकार के इस बिल से संसद में मचेगा बवाल
केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र का कार्यक्रम तय कर दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र का कार्यक्रम तय कर दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयक पेश कर सकती है, वहीं विपक्ष भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

30 दिन जेल में रहने पर पद छोड़ने का प्रस्ताव

इस बार सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्तावित संशोधन विधेयक की हो रही है, जिसकी जांच संयुक्त संसदीय समिति कर रही है। बताया जा रहा है कि समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र और राज्य सरकार के किसी मंत्री को किसी गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वह लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है, तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो उसका पद अपने आप खत्म माना जाएगा।

विवादित प्रावधान में बदलाव की संभावना कम

जानकारी के अनुसार, समिति इस प्रावधान को हटाने की सिफारिश शायद नहीं करेगी। हालांकि, यह जरूर सुझाव दे सकती है कि भविष्य में इस कानून का गलत इस्तेमाल न हो और किसी राजनीतिक बदले की भावना से इसका फायदा न उठाया जा सके। ऐसे सुरक्षा उपाय रिपोर्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर पर भी गरमाएगा सदन

मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा भी चर्चा का बड़ा कारण बन सकता है। विपक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाने की तैयारी में है। विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने संसद में कहा था कि इस अभियान के दौरान भारत का कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ, लेकिन बाद में सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की गई।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि संसद में दी गई जानकारी और बाद में सामने आए सरकारी आंकड़ों में अंतर है। ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग सकता है। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान इन दोनों विषयों को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

Created On :   5 July 2026 2:07 AM IST

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