चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: सपा दफ्तर में भीड़ जुटने के बाद नेताओं पर एफआईआर दर्ज, इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड

January 15th, 2022

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और भयमुक्त कराने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में चुनाव आयोग ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए सपा नेताओं पर सख्त एक्शन लिया है और एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को आदेशित किया है।

खबरों के मुताबित जिलाधिकारी ने गौतमपल्ली थाने में सपा नेताओं व करीब ढाई हजार कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी है। आपको बता दें कि शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के विक्रमादित्य मार्ग पर स्थिति कार्यालय में शुक्रवार को सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम व वर्चुअल रैली के दौरान जबरदस्त भीड़ जमा हो गए थी। जिस पर चुनाव आयोग ने सख्त ऐतराज जताया था।

इंस्पेक्टर पर गिरी गाज

आपको बता दें कि रात में डीएम की रिपोर्ट पर भीड़ जुटने के लिए इंस्पेक्टर गौतमपल्ली दिनेश सिंह विष्ट को लापरवाह माना गया तथा चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने इंस्पेक्टर दिनेश सिंह विष्ट को निलंबित कर दिया। नये इंस्पेक्टर की तैनाती के लिये भी तीन नामों का पैनल भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि इस मामले में अभी और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

वहीं एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह और एसीएम प्रथम (रिटर्निंग ऑफिसर) गोविन्द मौर्य को 15 जनवरी की सुबह 11 बजे स्पष्टीकरण देने को कहा गया। साथ ही एसीपी और एसीएम पद पर नई तैनाती के लिये तीन-तीन नामों का पैनल भी चुनाव आयोग ने देर रात मांग लिया। 

भाजपा से नाता तोड़ साइकिल की सवारी करने पहुंचे 

आपको बता दें कि भाजपा से इस्तीफा देकर आये कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी समेत कई नेता शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने पहुंचे थे। इस दौरान मंच पर स्वामी प्रसाद के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी थे। इस आयोजन में सपा नेताओं के कहने पर काफी भीड़ जुटी थी। सपा कार्यालय परिसर से मुख्य सड़क पर वाहनों की कतार लगी थी। यहां कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन होने की सूचना पर मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम अभिषेक प्रकाश ने डीसीपी पूर्वी अपर्णा गौतम से एफआईआर दर्ज करने को कहा। एफआईआर में कहा गया है कि लखनऊ में धारा 144 लागू होने की वजह से एक स्थान पर पांच या इससे अधिक लोग नहीं जुट सकते।