उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022: इस्तीफे के एक दिन बाद मंत्री मौर्य की बढ़ी मुश्किलें, विशेष कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

January 12th, 2022

हाईलाइट

  • कोर्ट ने 24 जनवरी को पेश होने को कहा

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ते ही उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। एमपीएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।  कोर्ट ने उनको आगामी 24 जनवरी तक पेश होने का आदेश दिया है। 

कोर्ट ने मंत्री को उस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है जो सात साल से चल रहा था,  इस मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य पर बहुजन साज पार्टी में रहते हुए धार्मिक भावना भड़काने आरोप लगा था। आपको बता दें मौर्य ने बसपा में रहते हुए पूजा न करने का आह्वान किया था। इसी मामले में अदालत ने आज वारंट जारी किया  है।

इससे पहले कल मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य अचानक सुर्खियों में छा गए। जब उन्होंने बीजेपी की योगी सरकार पर उपेक्षित होने का आरोप लगाते हुए बीजेपी और योगी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। संभावना ये लगाई जा रही है कि मौर्य सपा में शामिल हो सकते है।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल को लिखे पत्र में इस्तीफा देते हुए ट्वीट पर पत्र पोस्ट किया  , जिसमें उन्होंने लिखा माननीय राज्यपाल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं। 

 स्वामी प्रसाद मौर्य का राजनीतिक वर्चस्व 

- 5 बार के विधायक ,यूपी सरकार में मंत्री 

- पिछड़े समाज का बड़ाचेहरा

- 80 के दशक से कर रहे है राजनीति 

- बसपा के रह चुके हैं प्रदेश अध्यक्ष 

- 2012 से 2016 तक यूपी विधानसभा में  विपक्ष के नेता

- 8 अगस्त 2016 को बीजेपी में हुए थे शामिल 

-बेटी संघमित्रा मौर्या बदायूं से बीजेपी की सांसद 

- बीजेपी से पहले लोकदल और बसपा में रह चुके हैं