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MP by-election: 28 सीटों पर 355 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद, 69.68% लोगों ने डाले वोट, 2018 से 3% कम 

MP by-election: 28 सीटों पर 355 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद, 69.68% लोगों ने डाले वोट, 2018 से 3% कम 

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार को उप-चुनाव का मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इन सीटों पर 355 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 69.68% लोगों ने ईवीएम में कैद किया। अब 10 नवंबर को गिनती होगी। हालांकि मतदान के प्रतिशत में कुछ बदलाव भी हो सकता है। यह आंकड़ा 2018 से 6% कम है, यानी पिछली बार इन सीटों पर 72.93% मतदान हुआ था। पिछली बार वोटिंग ज्यादा हुई थी तो इन 28 सीटों में से कांग्रेस को 27 हासिल हुई थीं। सबसे ज्यादा बदनावर में 81.26% तथा सबसे कम ग्वालियर ईस्ट में 42.99 प्रतिशत वोट डाले गए। 

मिली जानकारी के अनुसार सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। धीरे-धीरे मतदान की रफ्तार बढ़ने लगी। शाम पांच बजे तक 66.09 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। मुरैना के सुमावली और भिंड के मेहगांव विधानसभा क्षेत्रों के कुछ मतदान केंद्रों के आसपास मामूली हिंसा हुई। कुछ मतदान केंद्र के इलाकों में गोली चली, तीन से चार लोग घायल हुए है, वहीं दो दुपहिया वाहन को भी जलाया गया। इसके अलावा ईवीएम भी तोड़ी गई।

विवाद और हिंसा की आशंका के चलते कई उम्मीदवारों के रिश्तेदारों को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं गोहद और ग्वालियर पूर्व क्षेत्र के उम्मीदवारों को पुलिस ने मतदान खत्म होने से पहले नजरबंद कर दिया। वहीं कई स्थानों पर लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए मतदान का बहिष्कार भी किया, बाद में प्रशासन ने उन्हें मना लिया। राज्य में एक बजे तक 42.71 प्रतिशत मतदान हो गया था। अपरान्ह 11 बजे तक 26.57 प्रतिशत मतदाता मतदान कर चुके थे। पहले दो घंटों में 11 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। इसी तरह दोपहर तीन बजे तक 56.72 मतदाता मतदान कर चुके थे। दिन चढ़ने के साथ मतदान का प्रतिशत बढ़ा।

उप निर्वाचन में कुल नौ हजार 361 मतदान केन्द्रों पर मतदान हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अर्ध सैनिक बलों को तैनात किया गया था। मतदान के लिए 13 हजार 115 बैलेट यूनिट, 13 हजार 115 कंट्रोल यूनिट एवं 14 हजार 50 वीवीपेट जिलों में उपलब्ध कराई गई। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि प्रदेश में 19 जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप-निर्वाचन पूरी सुरक्षा व्यवस्था एवं कोविड-19 की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए मतदान हुआ।

मतदान के पहले मॉकपोल की प्रक्रिया अभ्यार्थियों के एजेंटों की उपस्थिति में संपन्न हुई। मॉकपोल के दौरान 63 कंन्ट्रोल यूनिट, 65 बैलेट यूनिट एवं 196 वीवीपेट खराब पाई गई, जिन्हें बदला गया। मतदान प्रात सात बजे से प्रारंभ हुआ, मतदान के दौरान खराब हुई 29 बैलेट यूनिट, 23 कन्ट्रोल यूनिट एवं 88 वीवीपेट को बदला गया। बताया गया है कि अंतिम के एक घंटे में बुजुर्ग और कोरोना पीड़ित मतदाताओं को मतदान रखने के लिए तय किया गया था, इसके चलते मतदान के प्रतिशत में भी कुछ बदलाव के आसार हैं।

कमलनाथ ने लगाए पैसे बांटने के आरोप
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि हमें जानकारी मिली कि पुलिस-प्रशासन की मदद से पैसे बांटे जा रहे थे, लेकिन वोटर बिकाऊ नहीं है। हमने फायरिंग वाली दो जगहों पर चुनाव आयोग से फिर से मतदान कराने को कहा है। ये सभी घटनाएं भाजपा की निराशा को साबित करती हैं।

हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने को तैयार कांग्रेस: शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, यह वही ईवीएम है जिससे 2018 में छत्तीसगढ़ और राजस्थान के नतीजे आए, तब ईवीएम ठीक थी लेकिन अब, जब पराजय सामने दिख रही है, तो उसे दोष देना कांग्रेस के नेताओं ने प्रारंभ कर दिया है।  

20 मार्च को दिया था कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा
कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के कारण प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के चार अन्य विधायक भी पार्टी छोड़ कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।  

बदनावर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
धार जिले के बदनावर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भिड़त हो गई है। इस घटना में छह लोग जख्मी हो गए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।