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कृषि बिल पर बवाल: हंगामे से नाराज राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने 8 सांसदों को किया निलंबित


हाईलाइट

  • संसद के मॉनसून सत्र का आज आठवां दिन
  • राज्यसभा में उठा विपक्षी सांसदों के हंगामे का मुद्दा
  • चेयरमैन वेंकैया नायडू ने 8 सांसदों को किया निलंबित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का आज (21 सितंबर) 8वां दिन है। राज्यसभा में आज विपक्षी दलों के सांसदों के हंगामे का मुद्दा गूंजा। राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने सदन में हंगामा और उपसभापति हरिवंश के साथ दुर्व्यवहार करने वाले सांसदों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्यसभा में रविवार को कृषि बिल पर हंगामा करने वाले आठ सांसदों को आज से एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है, यानी अब ये सांसद इस सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। सभापति नायडू ने उपसभापति के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है।

बता दें कि, राज्यसभा में कल कृषि से जुड़े दो विधेयकों के पारित होने के दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। टीएमसी सांसद ने रूल बुक फाड़ दी थी, उपसभापति का माइक भी तोड़ दिया गया था। सांसदों की इन हरकतों से सभापति नायडू काफी नाराज हैं, इसी के चलते आज उन्होंने एक्शन लिया है।

सभापति नायडू ने कल की घटना का जिक्र करते हुए कहा, यह राज्यसभा के लिए बहुत खराब दिन था, जब कुछ सदस्‍य सदन के वेल तक आ गए। कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका, माइक तोड़ दिया, रूल बुक फेंक दी गई। उपसभापति को धमकी दी गई। उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी और धक्‍कामुक्‍की की गई। उन्‍हें अपना काम करने से रोका गया। यह बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण और निंदनीय है। इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं। मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए।

राज्यसभा से एक सप्ताह के लिए निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, कांग्रेस के राजीव साटव, सीपीआई (एम) के केके. रागेश, कांग्रेस के रिपुन बोरा, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन, कांग्रेस के सैयद नसिर हुसैन और सीपीआई (एम) के एलमाराम करीम के नाम शामिल है।

गौरतलब है कि, रविवार को कृषि से जुड़े विधेयकों पर बहस के दौरान राज्यसभा में कुछ सांसदों ने जबरदस्त हंगामा किया था। हंगामे के बीच ही दो कृषि विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए गए। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच राज्यसभा में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 पारित हुआ। लोकसभा में इन दोनों विधेयकों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

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