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झारखंड चुनाव की घोषणा से पूर्व सभी दलों के प्रमुख नेता यात्रा पर

October 24th, 2019 11:00 IST
 झारखंड चुनाव की घोषणा से पूर्व सभी दलों के प्रमुख नेता यात्रा पर

हाईलाइट

  • झारखंड चुनाव की घोषणा से पूर्व सभी दलों के प्रमुख नेता यात्रा पर

रांची, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख की भले ही अब तक घोषणा नहीं हुई है, परंतु सभी प्रमुख दलों के नेता अपनी यात्राओं के जरिए मतदाताओं के नब्ज टटोलने निकल गए हैं। इस दौरान नेता जहां अपने विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं, वहीं अपने मुद्दों और वादों के जरिए भी मतदातओं को रिझाने की कोशिश में जुटे हैं।

ऐसा नहीं कि कोई एक दल अपनी खूबियां और विरोधियों की कमियां बताने के लिए इस यात्रा के सहारे मतदाताओं के बीच पहुंचे हैं, झारखंड के अधिकांश प्रमुख दलों के नेता विभिन्न रथों पर सवार यात्रा पर हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जहां जन अर्शीवाद यात्रा के जरिए अपने पांच वर्षो का गुणगान कर रहे हैं, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बदलाव यात्रा के तहत लोगों से राज्य में सरकार बदलने की अपील करते हुए सरकार की कमियां गिना रहे हैं।

झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के बाबूलाल मरांडी जनादेश यात्रा में चुनिंदा स्थानों में जाकर लोगों के बीच जोश भर रहे हैं, जबकि जद (यू) जनभावना यात्रा के जरिए लोगों से संवाद कर रही है।

लोकसभा चुनाव में झारखंड में भाजपा की बड़ी जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री रघुवर दास जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कायरें को गिनवा रहे हैं। दास सरकार को किसानों की विकास के प्रति सजग सरकार बता रहे हैं तथा डबल इंजन की सरकार की आवश्यकता बता कर फिर से भाजपा की सरकार बनाने की अपील कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री इस दौरान विपक्ष पर निशना साधने से भी नहीं चुक रहे हैं। वह जहां कांग्रेस और झामुमो पर झारखंड में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाते हैं, वहीं गरीब, किसान, महिला और युवाओं के विकास की बात भी करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर कहते हैं, चुनाव में सभी पार्टियां अपनी रणनीति के तहत चुनावी मैदान में उतरती हैं। भाजपा भी अपने विकास कायरें को लेकर जनता के बीच जा रही है। इसी के तहत मुख्यमंत्री लोगों से फिर से आशीर्वाद मांग रहे हैं।

विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन भी अपनी बदलाव यात्रा के दौरान आयोजित सभाओं में सरकार की कमियां गिनाकर रघुवर सरकार को बदलने की अपील कर रहे हैं। इस क्रम में वह आदिवासियों को रिझाने के लिए आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा भी उठाते हैं तथा लोगों को लिंचिंग की घटना की याद दिलाते हैं।

रघुवर दास पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सोरेन मुख्यमंत्री पर युवा विरोधी, आदिवासी विरोधी और गरीबों के विकास का विरोधी होने का आरोप लगाते हैं।

झाविमो के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी अपनी जनादेश यात्रा के दौरान मतदाताओं का नब्ज टटोल रहे हैं। वह अपनी सभाओं में राज्य की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठा रहे हैं।

बिहार में भाजपा के साथ सरकार चला रहे जद (यू) के नेता भी जनभावना यात्रा के जरिए चुनिंदा क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। इस यात्रा के क्रम में जद (यू) के महासचिव आऱ सी़ पी़ सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू भाजपा सरकार की आलोचना कर रहे हैं। यात्रा के क्रम में मुर्मू भाजपा के साथ-साथ मुख्य विपक्षी दल झामुमो को भी आड़े हाथ ले रहे हैं।

मुर्मू ने कहा, झारखंड की सरकार खुद को डबल इंजन वाली विकास की सरकार कहती है, जबकि असल में यह डबल इंजन वाली विनाश की पार्टी है। इसका काम है जल, जंगल, जमीन और जीवन को बर्बाद करना और झारखंड की खनिज संपदा को लूटकर उद्योगपतियों को सौंपना।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।