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Rajasthan: राज्यपाल ने विधासभा सत्र बुलाने से इनकार किया, गहलोत बोले- जनता ने राजभवन घेर लिया तो हमारी जिम्मेदारी नहीं


डिजिटल डेस्क, जयपुर। हाईकोर्ट से सचिन पायलट गुट को राहत मिलने के बाद राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम गहलोत ने कहा कि वो विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं, लेकिन राज्यपाल की ओर से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। सीएम ने कहा कि अगर राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुलाते हैं तो जनता राजभवन का घेराव कर सकती है। ऐसी स्थिति में हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। गहलोत ने कहा, हम सभी विधायक राज्यपाल से मिलेंगे और जल्द सेशन बुलाने की अपील करेंगे। विधानसभा में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, सारी बातें देश के सामने आएंगी।

कांग्रेस विधायकों को भाजपा के लोगों ने बंधक बनाया
सीएम गहलोत ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल कलराज मिश्र को चिट्ठी लिखी थी। लेकिन उन्होंने अभी तक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा पूरा देश देख रहा है कि किस तरह उन पर ऊपर से प्रेशर आ रहा है। उन्हें जवाब देना होगा कि वे फैसला क्यों नहीं ले रहे हैं। सीएम ने कहा, मैं बार-बार कह रहा हूं कि मेरे पास बहुमत है। हमारे कुछ साथी को हरियाणा में बंधक बनाया गया है। वे वापस घर लौटना चाहते हैं। उन्हें भाजपा के लोगों ने बंधक बनाया है। वह हमारे साथी हैं। उन्होंने वहां बाउंसर लगा रखे हैं। पुलिस लगा रखी है। वे रो रहे हैं। टेलीफोन कर रहे हैं कि हमें यहां से छुड़ाओ। हरियाणा में बीजेपी की सरकार है।

सचिन पायलट गुट को हाईकोर्ट से राहत
इससे पहले राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य बागी कांग्रेस विधायकों को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। अब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में तय होगा, क्योंकि स्पीकर ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सोमावार को सुनवाई करेगा। वहीं, सचिन पायलट ख़ेमे के विधायक पृथ्वीराज मीणा ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है।

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