दैनिक भास्कर हिंदी: 6 मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस: रक्षामंत्री राजनाथ ने शीर्ष मंत्रियों ने राज्यसभा में विपक्ष के व्यवहार को शर्मनाक बताया

September 21st, 2020

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने रविवार को सदन में विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बाद अपने शीर्ष 6 मंत्रियों को आगे कर दिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा के उपसभापति के प्रति सदस्यों के व्यवहार न सिर्फ खराब थे बल्कि शर्मनाक भी थे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक हरिवंश सिंह के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का सवाल है, यह राज्यसभा के सभापित वेंकैया नायडू का विशेषाधिकार है।

राजनाथ सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जहां तक मैं जानता हूं, ऐसा राज्यसभा और लोकसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ। राज्यसभा में होने वाली यह बहुत बड़ी घटना है। अफवाहों के आधार पर किसानों को गुमराह करने की कोशिश की गई है। जो हुआ वह सदन की गरिमा के खिलाफ था। राज्यसभा में रविवार को काफी हो-हंगामा देखने को मिला। टीएमसी के डेरेक ओब्रायन सभापति के समीप आ गए और काला कानून बताकर दस्तावेजों को फाड़ दिया। उन्हें यह भी कहते सुना गया कि आप ऐसा नहीं कर सकते। आप के सासंद संजय सिंह को भी वेल में देखा गया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष के व्यवहार को हिंसक बताया। उन्होंने कहा कि सभापित के बार-बार कहने पर भी वे अपने सीट पर वापस नहीं गए। 

राजनाथ सिंह ने कहा कि वह खुद एक किसान हैं और न ही एमएसपी और न ही एपीएमसी समाप्त होने जा रहा है। प्रेस कांफ्रेंस में सिंह और नकवी के अलावा, प्रकाश जावड़कर, थावरचंद गहलोत, पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी मौजूद थे।

रविवार को किसान बिल पर विपक्ष ने हंगामा किया था
राज्यसभा में रविवार को केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े दो बिल ध्वनिमत से पास करा लिए। राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद ये कानून बन जाएंगे। सदन में बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। बाद में 12 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। करीब 100 लोगों के दस्तखत किया हुआ प्रस्ताव संसद के नोटिस ऑफिस में सबमिट किया गया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि राज्यसभा के उप-सभापति को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है।

हंगामा इतना हुआ कि मार्शल बुलाने पड़े
जो विधेयक पास कराए गए उनमें फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) बिल और फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल शामिल हैं। इन पर वोटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों ने वेल में जाकर जमकर नारेबाजी की। तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने उपसभापति हरिवंश का माइक तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने सदन की रूल बुक फाड़ दी। सदन की कार्यवाही जारी रखने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा। 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने के बाद फिर से वोटिंग प्रक्रिया शुरू हुई और हंगामे के बीच ही विधेयकों को सरकार ने पास करा लिया। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह नौ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।