बिहार उपचुनाव: सोनिया ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट पर लगाईं मुहर, कन्हैया और तेजस्वी होंगे आमने-सामने

October 13th, 2021

हाईलाइट

  • बिहार उपचुनाव प्रचार में दो युवा होंगे आमने-सामने
  • कन्हैया के आने से कांग्रेस को मिली नई ऊर्जा

डिजिटल डेस्क, पटना। कांग्रेस के बिहार विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची अब तय हो गया है। अब कन्हैया कुमार और तेजस्वी यादव एक दूसरे के सामने होंगे। ऐसे में अब नए परिदृश्य में जब तेज तर्रार युवा नेता कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और अब वह जब स्टार प्रचारकर भी बन गए हैं, तो ऐसे में राजद और कांग्रेस के बीच तनातनी की तस्वीर साफ दिख रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस कन्हैया कुमार को चुनाव प्रचार में जरूर भेजेगी और दो युवा नेताओं का आमना-सामना भी जल्द ही होने वाला है। जाहिर है ऐसे में तेजस्वी और कन्हैया के तेज की अग्निपरीक्षा होने वाली है। यानी बिहार की जनता हो जल्द ही दो युवा नेताओं की टक्कर दिखने वाली है। 

इन नामों को प्रचार लिस्ट में दी गई जगह

आपको बता दें कि कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सबसे ऊपर लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार हैं। साथ ही पूर्व सांसद व सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है। इनके साथ ही तारिक अनवर, भक्त चरण दास, मदन मोहन झा, अजीत शर्मा निखिल कुमार, सांसद अखिलेश सिंह, डॉ अनिल शर्मा जैसे भी कई बड़े चेहरे हैं जो दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए बिहार में वोट मांगेंगे। हालांकि सबसे अधिक हलचल कन्हैया कुमार के नाम को लेकर है।

जब कन्हैया को प्रचार करने से रोका गया था

गौरतलब है कि सियासत के जानकारों की मानें तो कन्हैया कुमार के मन में एक कसक रह गई कि 2020 के चुनाव में प्रचार के लिए बिहार जाने से उन्हें रोका गया था माना जाता है कि लालू प्रसाद यादव के पुत्र व राजद नेता तेजस्वी यादव के दबाव में कन्हैया कुमार का दौरा बिहार में नहीं करवाया गया था। सीपीआई से कन्हैया कुमार की नाराजगी का एक बड़ा कारण इसे भी माना गया था। माना जा रहा है कि कन्हैया कुमार के सीपीआई छोड़ कांग्रेस जॉइन करने की एक बड़ी वजह यह भी रही।

कन्हैया के आने से कांग्रेस को मिली संजीवनी 
कांग्रेस में कन्हैया कुमार के शामिल होने से एक संजीवनी बूटी मिल गई है क्योंकि कन्हैया का बिहार के युवाओं में काफी अच्छी पकड़ है। अब तेजस्वी को बिहार उपचुनाव में कड़ी टक्कर देंगे जिसको लेकर लालू प्रसाद जानते हैं कि कन्हैया कुमार न केवल एक युवा चेहरा हैं बल्कि जबरदस्त वक्ता भी हैं। लालू को इस बात का डर था कि तेजस्वी के सामने कन्हैया चुनौती बन सकते हैं। इसी कारण से उन्होंने कन्हैया के खिलाफ बेगूसराय में अपना उम्मीदवार उतारा था। बहरहाल अब स्थितियां बदली हैं और कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने के बाद देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी को एक नई ऊर्जा मिली है। साथ ही कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।