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बिहार: सुशील मोदी का छलका दर्द, बोले- कार्यकर्ता का पद तो कोई नहीं छीन सकता, भाजपा भेज सकती है राज्यसभा

बिहार: सुशील मोदी का छलका दर्द, बोले- कार्यकर्ता का पद तो कोई नहीं छीन सकता, भाजपा भेज सकती है राज्यसभा

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के लिए रविवार को कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान नीतीश कुमार को एनडीए का विधायक दल का नेता चुना गया और तय किया गया कि नीतीश ही बिहार के अगले सीएम होंगे, लेकिन डिप्टी सीएम पद के लिए अब भी असमंजस जारी है। दरअसल, सरकार गठन के लिए आयोजित की गईं बैठकों के लिए भाजपा ने रक्षा मंत्री और पूर्व पार्टी अध्यक्ष को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने लगभग सभी पदों की जानकारी तो दे दी, लेकिन उपमुख्यमंत्री पद पर चुप्पी साध गए। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी के फिर से उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना पर पानी फिर सकता है। क्योंकि बैठक में तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्हें एनडीए का उपनेता बनाया गया है। जबकि रेणु देवी बीजेपी विधायक दल की उपनेता चुनी गई हैं।

अब राजनाथ की चुप्पी के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा एवं संघ परिवार ने मुझे 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन में इतना दिया की शायद किसी दूसरे को नहीं मिला होगा। आगे भी जो जिम्मेवारी मिलेगी उसका निर्वहन करूंगा। कार्यकर्ता का पद तो कोई छीन नहीं सकता। सुशील मोदी ने एक अन्य ट्वीट कर तारकिशोरजी को भाजपा विधानमंडल का नेता सर्वसम्मति से चुने जाने पर कोटिश बधाई भी दी। 

इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी विधानमंडल दल का नेता और रेणु देवी को उपनेता चुने जाने पर बधाई दी। वहीं उपमुख्यमंत्री पद को लेकर गिरिराज सिंह ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय सुशील जी आप नेता हैं, उप मुख्यमंत्री का पद आपके पास था, आगे भी आप भाजपा के नेता रहेंगे ,पद से कोई छोटा बड़ा नहीं होता।

सुशील मोदी ने सोशल प्रोफाइल से डिप्टी सीएम पद भी हटाया
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुशील कुमार मोदी को दिवंगत रामविलास पासवान की जगह राज्यसभा भेजकर भाजपा उन्हें केंद्र में मंत्री बनाने जा रही है। भाजपा ने अबतक औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सुशील मोदी ने अपनी सोशल प्रोफाइल से अपना पुराना पदनाम हटा दिया है। एक ट्वीट भी किया और लिखा कि जो जिम्मेदारी मिलेगी निभाऊंगा, कार्यकर्ता पद से तो हटाया नहीं जा सकता।

सुमो की खिलाफ रायशुमारी देखते हुए ही राजनाथ सीधे NDA की बैठक में गए
शनिवार को ही सुशील मोदी दिल्ली से लौटे थे। रविवार को राजनाथ सिंह भाजपा के जीते विधायकों की बैठक में सुमो के डिप्टी सीएम पद पर बने रहने या नहीं रहने को लेकर रायशुमारी करने वाले थे। सुबह विधायक भाजपा दफ्तर में राजनाथ सिंह का इंतजार करते रहे, लेकिन वह आए ही नहीं। बताया जाता है कि सुशील मोदी के खिलाफ रायशुमारी को लेकर गोलबंदी को देखते हुए राजनाथ ने भाजपा की बैठक में जाने की जगह सीधे राजकीय अतिथिगृह होकर NDA की बैठक में सीएम आवास जाना सही समझा। इस बैठक में राजनाथ नित्यानंद राय और सुशील मोदी के साथ गए।

सुशील मोदी के ट्वीट से हुई पुष्टि
बैठक के सिर्फ एक ही फैसले की जानकारी सार्वजनिक की गई कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके बाद नीतीश कुमार जब राजभवन की ओर सरकार बनाने का दावा पेश करने निकले और सुशील मोदी राजनाथ सिंह के साथ राजकीय अतिथिगृह चले गए तो यह कहा गया कि सुमो के पद को लेकर संशय है। शाम चार बजे जब सुशील मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए यह संदेश दिया कि उन्हें कार्यकर्ता पद से तो नहीं हटाया जा सकता है, तब यह पुष्टि हो गई कि नीतीश की पसंद के खिलाफ भाजपा ने सुमो को उनके डिप्टी पद से हटा दिया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।