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पाक सरकार के साथ बातचीत के बाद टीएलपी का धरना खत्म

November 17th, 2020 14:30 IST
 पाक सरकार के साथ बातचीत के बाद टीएलपी का धरना खत्म

हाईलाइट

  • पाक सरकार के साथ बातचीत के बाद टीएलपी का धरना खत्म

इस्लामाबाद, 17 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में धार्मिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने सरकार से सफल वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही दो दिनों से चला आ रहा सेलुलर सेवाओं का ब्लैकआउट, नाकाबंदी के साथ सभी मार्गो को बंद कर देना, संघीय राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी के स्थानीय लोगों को पूरी तरह से कैद कर लेने की स्थिति भी खत्म हो गई है।

टीएलपी नेतृत्व ने फैजाबाद इंटरचेंज पर धरना-प्रदर्शन की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी सभी चार मांगें मान ली हैं।

हजारों टीएलपी समर्थकों ने रावलपिंडी से एक रैली निकाली और मुख्य प्रवेश बिंदु फैजाबाद इंटरचेंज पर इसका मंचन किया, जो इस्लामाबाद और रावलपिंडी को जोड़ता है। वे फ्रांसीसी प्रधानमंत्री के विरोध में इस्लामाबाद में फ्रांसीसी राजदूत को हटाने की मांग कर रहे थे, जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाने को उचित ठहराया था।

फ्रांस विरोधी रैली में टीएलपी के हजारों समर्थरों ने भाग लिया और संकल्प लिया कि जब तक फ्रांस के राजदूत को नहीं निकाल दिया जाता तब तक वे धरने से नहीं हटेंगे।

धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूरुल कादरी, आंतरिक मामलों के मंत्री इजाज शाह और इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में सरकारी वार्ता टीम ने टीएलपी नेतृत्व के साथ बातचीत की, उन्होंने विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने का आह्वान किया क्योंकि दोनों शहरों में दिनचर्या पूरी तरह से ठप पड़ गई थी। स्थानीय लोग जीरो कनेक्टिविटी का सामना कर रहे थे, उन्हें कई तरह की परेशानियां हो रही थी।

टीएलपी नेतृत्व और सरकारी टीम के बीच हस्ताक्षरित लिखित समझौते के अनुसार, यह सहमति हुई है कि सरकार तीन महीने के भीतर फ्रांसीसी राजदूत के निष्कासन के बारे में संसद में निर्णय लेगी और फ्रांस में अपने राजदूत को नियुक्त नहीं करेगी।

समझौते में यह भी कहा गया है कि टीएलपी के सभी गिरफ्तार कार्यकर्ता, जिन्हें सुरक्षा बलों और पुलिस अधिकारियों के साथ हिंसक टकराव के बाद गिरफ्तार किया गया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से रिहा कर दिया जाएगा।

इस समझौते पर भी सहमति हुई कि टीएलपी के किसी भी नेता के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने तत्काल वार्ता और अशांति के शांतिपूर्ण समाधान का आदेश दिया था।

टीएलपी फ्रांसीसी राजदूत को हटाने, फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार, अपने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई और टीएलपी नेतृत्व के खिलाफ कोई मामला पंजीकरण नहीं करने की मांग कर रहा था।

वीएवी-एसकेपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।