मिडिल ईस्ट तनाव पर ऑल पार्टी मीटिंग: 'पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से...', सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के सवालों का केंद्र ने दिया जवाब

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की बुधवार को मिडिल ईस्ट संकट को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक समाप्त हो गई। इस डेढ़ घंटे लंबी बैठक में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम मंत्री और विदेश मंत्री ने विपक्ष द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। इस दौरान सरकार ने साफ किया कि किसी तरह की पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
सर्वदलीय बैठक में केंद्र ने विपक्ष के सवालों के दिए जवाब
इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति को लेकर भी चर्चा की। जिसे लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता जाहिर की। केंद्र सरकार ने बताया, "अभी तक हमारे 4 शिप्स वहां से निकल चुके हैं और कुछ और जल्दी निकलेंगे। ये हमारे लिए बड़ी बात है. कई देशों के शिप्स अभी फंसे हुए हैं।" इस जानकारी को भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासतौर से ईरान से जुड़े हालात को लेकर भी सरकार ने तस्वीर साफ की। विपक्ष से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जब ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता का मुद्दा उठा तो सरकार की ओर से बताया गया कि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है, बल्कि यह तो 1981 से चल रहा है। एक तरह से US ने सालों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में लगा रखा है।
विपक्ष ने बैठक में प्रधानमंत्री की ओर से संसद में दिए गए कोविड से जुड़े बयान पर भी चिंता जताई। विपक्ष का कहना था कि इस तरह के बयान से देश में पैनिक के हालात बन सकते हैं। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है, लेकिन अगर कहीं ऐसा है तो हम उसको देख रहे हैं।
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत - केंद्र सरकार
इस दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत हुई है। इस बातचीत में भारत की स्पष्ट नीति दोहराई गई और प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमको वॉर नहीं चाहिए।' यह संदेश वैश्विक मंच पर भारत की शांति और संतुलन की नीति को स्पष्ट करता है। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति और भारत के हितों पर डिटेल प्रेजेंटेशन भी दिया। इससे विपक्ष को रणनीतिक और कूटनीतिक पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बन सके।
इस बारे में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'सरकार ने डीटेल में बातचीत की। पश्चिम एशिया में जो दिक्कत है उसके बारे में बताया। सभी पार्टी के नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं कि सभी नेताओं ने पार्टिसिपेट किया। सभी नेताओं ने अपनी-अपनी चिंताएं व्यक्त की। भारत को किस तरह से प्रभाव पड़ेगा, इस पर सवाल किया जिसका सरकार ने जवाब दिया। संकट की इस घड़ी में विपक्ष के सभी नेता एकजुट रहेंगे और साथ देंगे ऐसा विपक्ष के नेताओं ने दिया।'
विपक्ष के सूत्र के मुताबिक सरकार से पूछा गया कि देश के कई इलाकों में एलपीजी और पेट्रोल डीजल की कमी की जानकारी सामने आ रही है। इस पर सरकार की तरफ से बताया गया कि देश में किसी भी तरह की फिलहाल कोई किल्ल्त नहीं है और जो जानकारी और तस्वीरें सामने आ रही हैं उसकी बड़ी वजह सप्लाई चेन में कमी है।
Created On :   25 March 2026 7:28 PM IST












