विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में एक साथ आए AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी JUP, अब देखना है चुनाव में ममता पर कितना होगा असर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी जेयूपी के एक साथ आने से एक नया रोचक मोड़ आ गया है, दोनों ही दलों के बीच हुई शीट शेयरिंग से सत्तारूढ़ टीएमसी को भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि अभी तक जो मुस्लिम वोट टीएमसी या कांग्रेस में जाता रहा वह अब बंट सकता है। हालांकि कई मुस्लिम बहुल सीटों पर एक तरफा वोटिंग होने से मुस्लिम नेतृत्व वाली पार्टी को फायदा हो सकता है।
आपको बता दें ममता नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कुल 294 सीटों में से 291 पर अपने कैंडिडेट की लिस्ट जारी कर दी है। बाकी दार्जिलिंग की 3 पहाड़ी सीटों पर टीएमसी के सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारेगी।
AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी जेयूपी के बीच गठबंधन होने से पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सियासत तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर ने एक जॉइंट प्रेस वार्ता कर चुनावी गठबंधन का ऐलान किया। AIMIM चीफ ओवैसी ने मीडिया को संबोधित करने के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और उनकी सियासी राजनीति पर सवाल उठाए। ओवैसी ने गुजरात दंगों के दौरान टीएमसी चीफ की भूमिका पर सवाल दागते हुए कहा ममता गुजरात दंगों के दौरान कहां थीं और क्या कर रही थी, क्या वो ढोकला खा रही थीं?
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ओवैसी ने ममता की मुस्लिम समर्थक छवि पर सीधा सवाल उठाते हुए पूछा ,क्या उनके ईद की नमाज पढ़ने से मुसलमानों का पेट भर जाएगा? ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि उनकी पार्टी AIMIM और JUP मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला भी लगभग तय हो चुका है। अब देखना ये है कि ओवैसी और कबीर के एक साथ आने से बंगाल की ममता पर कितना प्रभााव पड़ेगा। ये चुनावी नतीजों वाले दिन ही साफ हो पाएंगा।
Created On :   25 March 2026 1:28 PM IST













