विधानसभा चुनाव 2026: आमडांगा असेंबली में BJP का बढ़ता वोट परसेंट टीएमसी की बढ़ा रहा है टेंशन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
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1977 में गठित आमडांगा, पश्चिम बंगाल की एक सामान्य असेंबली सीट है। तब से अब तक आमडांगा में 10 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। आमडांगा में 1977 से 2006 के बीच लेफ्ट फ्रंट के दौर में CPI(M) ने लगातार सात जीत दर्ज की। फिर 2011 के बाद से लगातार तीन बार तृणमूल कांग्रेस को जीत मिली। यानि ये कहा जा सकता है यहां के वोटर्स ने राज्य की सियासी सत्ता पर सत्तारूढ़ दल को चुनाव में जीतने का मौका दिया है। पिछले चुनाव की जीतों से ये कहा जा सकता है आमडांगा टीएमसी का अभेद किला बन गया है। हालांकि इस सीट की एक खासियत रही है कि यहां से हर बार के चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी की ही जीत हुई है। विधानसभा क्षेत्र में करीब 42 फीसदी मुस्लिम व करीब 20 फीसदी एससी वोटर्स है, दोनों ही समूह के मतदाता चुनावी नतीजों में अहम रोल में होते है। शहरी की अपेक्षा ग्रामीण वोटर्स की संख्या अधिक है।
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मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी। अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है। आमडांगा असेंबली में BJP का बढ़ता वोट परसेंट टीएमसी के लिए चिंता खड़ी कर सकता है। लेफ्ट कांग्रेस के मजबूत होने की स्थिति में यहां त्रिकोणीय स्थिति बन सकती है, ऐसे में बीजेपी को फायदा होने की उम्मीद अधिक होगी।
Created On :   24 March 2026 7:08 PM IST












