Budget Session: 'दुनिया में पैदा हुआ ऊर्जा संकट', मिडिल ईस्ट तनाव पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी, भारत की स्थिति को भी बताया चिंताजनक

दुनिया में पैदा हुआ ऊर्जा संकट, मिडिल ईस्ट तनाव पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी, भारत की स्थिति को भी बताया चिंताजनक
पीएम मोदी ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर भाषण दिया है। इस दौरान उन्होंने भारत की भूमिका और भारतीय लोगों की वापसी का मुद्दा उठाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) को बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान राज्यसभा में भाषण दिया है। उन्होंने मिडिल ईस्ट तनाव का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय की वापसी से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं। इस युद्ध की वजह से दुनिया में ऊर्जा का गंभीर संकट पैदा हो गया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध ने हमारे व्यापारिक मार्गों पर असर डाला है। इसके चलते पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है।

जहाजों पर कई भारतीय फंसे-पीएम

PM मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाज फंसे हुए हैं। उन जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य फंसे हुए हैं। यह भी भारत के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। ऐसी कठिन स्थिति में, यह जरूरी है कि भारत का उच्च सदन शांति और बातचीत की एक एकजुट आवाज़ उठाए।

'खाड़ी देशों संग संपर्क में हैं'

उन्होंने कहा कि मैंने ज्यादातर पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो बार बात की है। हम सभी खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम ईरान, इजरायल और US के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य बातचीत और कूटनीति के जरिए इस क्षेत्र में शांति बहाल करना है। हमने उनसे तनाव कम करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के बारे में भी बात की है। व्यापारिक जहाज़ों पर हमले और होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में रुकावट डालना मंज़ूर नहीं है। भारत ने नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, और ऊर्जा व परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों का विरोध किया है। भारत युद्ध के इन समयों में भी भारतीय जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। इस संकट के समाधान के लिए, भारत ने बातचीत का सुझाव दिया है। इस युद्ध में किसी की भी जान को खतरा होना इंसानियत के हित में नहीं है। इसलिए, भारत की कोशिश सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधानों के लिए प्रोत्साहित करने की रही है।

'लाखों भारतीय पहुंचे भारत'

PM नरेंद्र मोदी VS KUE KF संकट की इस घड़ी में, दुनिया भर में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब तक 3,75,000 से ज्यादातर भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। अकेले ईरान से ही 1000 से ज्यादा भारतीय वापस आए हैं; इनमें से 700 से ज़्यादा मेडिकल के छात्र हैं। संकट की इस घड़ी में, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सभी देशों ने वहाX रह रहे भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए। प्रभावित परिवारों को हर ज़रूरी मदद दी जा रही है। घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।"

Created On :   24 March 2026 2:16 PM IST

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