Congress Attack on PM Modi: लोकसभा में PM मोदी के संबोधन पर कांग्रेस नेता ने कसा तंज, बयान सिर्फ कायरता भार और खुद की तारीफ

लोकसभा में PM मोदी के संबोधन पर कांग्रेस नेता ने कसा तंज, बयान सिर्फ कायरता भार और खुद की तारीफ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 24वां दिन (23 मार्च 2026 तक) है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिससे तनाव काफी बढ़ गया। इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च) को लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने कहा मिडिल ईस्ट में जारी जंग बावजूद हमारे पास 5.3 मिलियन मीट्रिक टन का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है। उनके इस बयान पर कांग्रेस पार्टी के सूचना विभाग के महासचिव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा वह खुद की तारीफ कर रहे हैं, उनका बयान कायरता भरा है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर इस संबंध में एक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने कहा, ‘पीएम का आज लोकसभा में असामान्य रूप से छोटा भाषण, हमेशा की तरह, आत्मप्रशंसा, कायरता और पक्षपातपूर्ण डायलॉगबाजी का एक मास्टर क्लास था।’

ईरान-अमेरिका पर कुछ नहीं बोले- कांग्रेस नेता

उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा ‘PM से ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से जारी हवाई हमलों के निंदा में एक शब्द भी नहीं बोले। खाड़ी देशों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का हमला निश्चित रूप से पूरी तरह अस्वीकार्य है, लेकिन शासन परिवर्तन और राज्य को ध्वस्त करने के उद्देश्य से ईरान पर लगातार की जा रही बमबारी भी उतनी ही अस्वीकार्य है।’

आगे उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक वृद्धि के रिकॉर्ड पर अपनी शेखी बघारना जारी रखा। कुछ दिन पहले उनके ही पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ऑन रिकॉर्ड यह चेतावनी दी थी कि पीएम PM के कार्यकाल में भारत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर आंका गया है। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री शायद यह मानते हैं कि अगर वे इस बेहद विश्वसनीय और चिंताजनक रिपोर्ट पर बात ही नहीं करेंगे, तो यह मुद्दा अपने आप खत्म हो जाएगा।’

लोकसभा में पीएम ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में मौजूदा स्थिति पर भारत के रुख, राजनयिक भागीदारी, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताओं और वैश्विक ऊर्जा एवं व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

Created On :   24 March 2026 12:43 AM IST

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