लोकसभा में मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा: ईरान-इजराइल युद्ध का भारत पर असर? पीएम मोदी ने बताया हालातों से निपटने के लिए कितनी है तैयारी

ईरान-इजराइल युद्ध का भारत पर असर? पीएम मोदी ने बताया हालातों से निपटने के लिए कितनी है तैयारी
लोकसभा में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर संबोधन कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर संबोधन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने युद्ध के बीच खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा समेत भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा की।

पीएम मोदी ने मीडिल ईस्ट संकट पर जताई चिंता

संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, फर्टीलाइजर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आता है, सरकार का प्रयास है कि पेट्रोल और एलपीजी की कमी ना हो। देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत आयात करता है। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं।”

पीएम ने कहा, “युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं, जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।”

देश में एलपीजी-गैस संकट पर पीएम मोदी ने की चर्चा

प्रधानमंत्री ने कहा, “एलपीजी का डोमेस्टिक उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही देश में उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। भारत ने एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्सिफिकेशन किया है। भारत आज 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है। भारत ने कच्चे तेल 53 लाख मेट्रिक टन से अधिक स्ट्रैटेजिक रिजर्व है, और 65 लाख मैट्रिक टन पर काम किया जा रहा है। हम सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ लगातार बात कर रहे हैं, कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के समय देश की एक और तैयारी काम आ रही है। इथैनॉल ब्लैंडिग का काम हमें मजबूती दे रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे मिशन नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत में और अन्य प्रभावित देशों में 24x7 कंट्रोल रूप और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावितों को त्वरित जानकारी दी जा रही है। संकट की इस स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तब से ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं। ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "एनर्जी आज इकोनॉमी की जरूरत है. दुनिया भर की अर्थव्यवस्था प्रभावित है और भारत पर कम से कम प्रभाव हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं, सरकार एक रणनीति के साथ काम कर रही है। देश के फंडामेंटल्स मजबूत हैं।"

पीएम मोदी ने कहा, "देश के किसानों को संकट से बचाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। पिछले 10 सालों में 6 यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं। तेल और गैस की तरह खाद के आयात को डायवर्सिफाई किया गया है। बिजली की डिमांड गर्मी के चलते बढ़ेगी, लेकिन कोयले के स्टॉक पर्याप्त हैं। सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग भी की जा रही है।"

Created On :   23 March 2026 2:20 PM IST

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