विधानसभा चुनाव 2026: उलुबेरिया दक्षिण विधानसभा सीट पर टीएमसी का दबदबा बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती ,बीजेपी कैंडिडेट पुरी का टीएमसी के मौजूदा विधायक पुलक रॉय से कड़ा मुकाबला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी ने सन्यासी स्वामी मंगलानंद पुरी को चुनावी मैदान में उतारा है। बीजेपी कैंडिडेट का मुकाबला टीएमसी के मौजूदा विधायक पुलक रॉय से है। पिछले चुनाव में रॉय ने पुरी को भारी मतों के अंतरों से हराया था। पिछले चुनाव में भी इस सीट पर बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था।
1951 में स्थापित उलुबेरिया दक्षिण विधानसभा सीट हावड़ा जिले की एक सामान्य वर्ग असेंबली है, परिसीमन ,बंटवारे की वजह से बीच-बीच में इसके नामों में भी बदलाव देखने को मिले। 1962 से 2006 तक ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा है, 2011 के बाद से यहां टीएमसी ने मजबूत पकड़ बनाई। यहां टीएमसी का दबदबा ,बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती है। कांग्रेस, एक निर्दलीय और CPI(M) ने भी यहां जीत का स्वाद चखा है। ग्रामीण सीट होने के साथ साथ यहां मुस्लिम और एससी वोटर्स का वोट परसेंट निर्णायक भूमिका में होता है। नदियों की वजह से यहां की जमीन भी कृषि के लिए अधिक उपजाऊ है।
मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी। अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
आपको बता दें बीजेपी ने इस बार यूपी के योगी की तर्ज पर बंगाल में कुछ सीटों पर धार्मिक पुजारियों को टिकट दिया है। बीजेपी के धार्मिक प्रत्याशी लंबे समय से धार्मिक नेतृत्व के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों में भक्तों और भक्ती से जुड़ी रही हैं। अब देखना है कि इस बंगाल चुनाव में बीजेपी की मठ मंदिर चेहरे की पॉलिटिक्स कितनी कामयाब होती है।
Created On :   23 March 2026 2:05 PM IST












