Karnataka Politics: रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद के शपथ के दूसरे दिन दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार का आया रिएक्शन

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में बदलाव हो गया है। डीके शिवकुमार ने 3 जून, 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके दो दिन बाद यानी शुक्रवार को विभागों का बंटवारा हुआ तो रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफ दे दिया है। 13 मंत्रियों में उनका भी नाम शामिल है और उन्हें सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पर नए सीएम डीके शिकुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है।
यह भी पढ़े -बेंगलुरु मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा नामांकन दाखिल किया, राहुल गांधी और डीके शिवकुमार रहे मौजूद (लीड)
इस्तीफे पर CM क्या बोले?
सीएम डीके शिवकुमार ने इस मामले में कहा कि इस्तीफे को लेकर रामलिंगा रेड्डी से चर्चा की जाएगी। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वो हमारी पार्टी के अहम नेता है। इसके साथ ही उन्हें अपना करीबी भी बताया है। रामलिंगा रेड्डी ग्रामीण इलाके से नहीं आते है, उन्हें जल संसाधन विभाग दिया गया है, लेकिन वह शहरी इलाके में काम करना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात चाहे तो भी बने हों, अनुशासन बहुत जरूरी है।
देवी अन्नम्मा माता के दर्शन करने के बाद क्या बोले?
वहीं, डीके शिवकुमार बेंगलुरू शहर की रक्षक देवी अन्नम्मा मंदिर पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कहा कि अन्नम्मा देवी बेंगलुरु की ग्राम देवी है। इस प्रदेश की देवी मां चामुंडी है। इस दौरान उन्होंने कामना की कि इस साल राज्य में अच्छी बारिश, अच्छी फसल, समृद्धि और शांति रहे। इसके साथ ही काम शुरू कर दिया।
यह भी पढ़े -कर्नाटक रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे पर कांग्रेस में हलचल, एचके पाटिल ने नेतृत्व से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
रामलिंगा रेड्डी ने क्यों दिया मंत्री पद से इस्तीफा?
रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे के बाद चर्चा हो रही है कि वह विभागों के बंटवारे को लेकर नाराज हैं। इस्तीफा देने के बाद रामलिंगा ने बताया कि डीके शिवकुमार ने उनसे खुद कहा था कि उन्हें बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग की जिम्मेदारी सौंपने का वादा किया था। इसके बाद भी उन्हें सिंचाई विभाग दिया गया है, जो उन्हें ये मंजूर नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि डीके शिवकुमार ने सीएम पद की शपथ लेने से पहले उनके घर पर मुलाकात हुई थी। लेकिन इस दौरान उन्होंने किसी विभाग की मांग नहीं की थी। उन्होंने (डीके शिवकुमार) खुद ने ही कहा था कि तुम्हें बेंगलुरु विभाग दिया जाएगा।
Created On :   5 Jun 2026 8:31 PM IST








