Maharashtra Politics: 'वे गुलामों की तरह बैठे...' राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में उद्धव गुट का बड़ा आरोप

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सियासी बयानबाजी जारी है। इसी क्रम में शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ ही न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत का सबसे बड़ा दर्भाग्य यह रहा है कि मौजूदा सरकार में न्यायपालिका कहीं गुम हो गई है।
यह भी पढ़े -पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव के हॉस्टल से मिले 20 लाख रु, पुलिस खंगाल रही राम मंदिर कनेक्शन!
सुप्रीम कोर्ट की आलोचना
मीडिया से चर्चा करते हुए अरविंद सावंत का कहना है, "जिस न्यायपालिका से संविधान की रक्षा की उम्मीद की जाती है, वह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि यहां की न्यायपालिका गुलाम बनी हुई है। संविधान की रक्षा कौन कर सकता है? न्यायपालिका, लेकिन क्या वह अपना काम करती है?" साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना कि और कहा, "वे गुलामों की तरह बैठे हैं।"
SIT के भरोसे पर सवाल?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन (SIT) के भरोसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि कामकाज स्वतंत्र नहीं होने के आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से चर्चा करते हुए कहा, "क्या आपको इन SIT पर भरोसा है? SIT वही तय करेगी जो उन्हें इशारा किया जाएगा और बताया जाएगा। अच्छा हुआ कि रामलला ने न्याय किया। वे 'जय श्री राम' कहते हैं और भ्रष्टाचार करते हैं, लेकिन उन्होंने उनके मुंह पर तमाचा मारा है।"
यह भी पढ़े -राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी में गिरफ्तार मनीष यादव की बहन बोली, मेरे भाई को फंसाया जा रहा है
इन धाराओं में केस दर्ज
बताते चलें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में शुक्रवार (26 जून) को श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने ये फैसला दान में कथित गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए लिया है। इस मामले में 8 लोगों पर एसआईटी ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिनके ऊपर यूपी सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
Created On :   27 Jun 2026 7:02 PM IST












