विधानसभा चुनाव 2026: तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप में कई तरह के वोटर्स प्रभावशाली, स्थानीय समस्याओं पर लड़ा जाता है चुनाव

तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप में कई तरह के वोटर्स प्रभावशाली, स्थानीय समस्याओं पर लड़ा जाता है चुनाव
234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र तिरुचिरापल्ली शहर के सेंटर में स्थित है, चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। जबकि मतगणना 4 मई को होगी। आपको बता दें मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई तक है। वैसे तो तमिलनाडु की राजनीति डीएमके और एआईएडीएमके इर्द गिर्द घूमती है,लेकिन अबकी बार अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कजगम यानी टीवीके के चुनावी मैदान में आने से पूरे राज्य में राजनीति का नया मोड़ आ गया है।

तिरुचिरापल्ली पूर्व का इलेक्शन प्रशासन, सरकारी योजनाओं पर भरोसा और राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ पर निर्भर करते हैं। यहां की जीत वोट परसेंट पर निर्भर करती है, क्योंकि जीत का अंतर छोटा होता । यहां के सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप में कई तरह के वोटर्स प्रभावशाली है। एससी, ओबीसी वोटर्स के साथ साथ छोटे व्यापारी, कामकाजी क्लास चुनाव में अहम भूमिका निभाते है।

मतदाताओं का मूड और अपेक्षाएं भी काफी स्पष्ट हैं, जनता चाहती है प्रतिनिधि समस्याओं पर ध्यान दें, इंफ्रास्ट्रक्चर का सुधार करें और स्थानीय नागरिक समस्याओं के समय मजबूती से मौजूद रहें। यही बातें तिरुचिरापल्ली पूर्व के चुनावी नतीजों पर अधिक असर डालती हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से कनेक्टिविटी बेहद अच्छी है।

चुनावी मुद्दों की बात की जाए तो जल सप्लाई, सड़कों पर लगने वाला जाम, साफ-सफाई, सरकारी अस्पताल, स्कूल, शिक्षा , सार्वजनिक परिवहन शामिल है। प्रतिनिधि की चुनावी जीत में वोटर्स से संवाद और संपर्क का अहम स्थान है। पिछले विधानसभा चुनाव में DMK पार्टी के मंत्री केएन नेहरु ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

Created On :   30 March 2026 3:14 PM IST

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