विशेषाधिकार हनन का नोटिस: बीजेपी ने बदला फैसला, अब राहुल गांधी के खिलाफ नहीं पेश करेगी प्रस्ताव, दोषी पाए जाते नेता प्रतिपक्ष तो उन पर क्या होती कार्रवाई, समझिए विस्तार से

बीजेपी ने बदला फैसला, अब राहुल गांधी के खिलाफ नहीं पेश करेगी प्रस्ताव, दोषी पाए जाते नेता प्रतिपक्ष तो उन पर क्या होती कार्रवाई, समझिए विस्तार से

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अब केंद्र सरकार विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं देगी। जबकि एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी गलतबयानी कर सदन को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए हम उनके खिलाफ सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे। हालांकि, सरकार ने अपने इस फैसले को बदल दिया है।

क्या होता है विशेषाधिकार हनन?

संसद और विधानमंडलों में विशेषाधिकार उल्लंघन प्रस्ताव की एक खास प्रक्रिया है। इसमें सदस्यों को एक विशेष दर्जा या सुविधा दी जाती है जो सामान्य लोगों को नहीं मिलती है। यह एक प्रकार का अधिकार है जो किसी विशिष्ट व्यक्ति को दी जाती है। सांसदों को संसद में बोलने का अधिकार है लेकिन जब कोई पक्ष बेलगाम हो जाए तो उसे रोकने के लिए बनाया गया था। जब कोई सदस्य, समिति या सदन के विशेषाधिकारों का उल्लघंन करता है तो तब इसका इस्तेमाल किया जाता है। सदन की गरिमा और सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना इसका मुख्य उद्देश्य है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 (संसद के लिए) और अनुच्छेद 194 (राज्य विधानमंडलों के लिए) में यह विशेषाधिकार दिया गया है। इस अधिकार की सीमा है कि संसद के दोनों सदन (राज्यसभा तथा लोकसभा) में सदस्यों द्वारा दिए गए किसी भी बयान या कथन को देश की किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दे सकते।

विशेषाधिकार हनन की क्या होती है प्रक्रिया?

सदन के किसी भी सदस्य को जब लगता है कि किसी दूसरे सदस्य मंत्री या अधिकारी ने विशेषाधिकार का हनन किया है तो वह विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव संसद में पेश कर सकता है। इस तरह के मामले में सबसे पहले एक अधिसूचना दी जाती है। इस अधिसूचना को विशेषाधिकार के हनन का अधिसूचना कहा जाता है। सदन के किसी भी सांसद को यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सामने पेश करना होता है। अगर अध्यक्ष या सभापति इसे उचित मानते हैं तो उस मामले को विशेषाधिकार हनन जाँच समिति (Privilege Breach Inquiry Committee) को भेजा जाता है। समित मामले की जांच करने के बाद जो रिपोर्ट तैयार होगी वह सदन को सौंपी जाएगी। संसद को अगर यह लगेगा कि विशेषाधिकार का उल्लंघन हुआ है तो दोषी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

क्या होती है कार्रवाई?

अगर कोई सदस्य विशेषाधिकार समिति के द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दोषी पाया जाता है तो सदन उसे फटकार लगाकर, चेतावनी देकर, फिर खास अवधि के लिए हवालात में भी रखने जैसी दंडित भी कर सकती है। सदन सदस्य को निलंबित या निष्कासित भी कर सकती है। ज्यादातर मामलों में सांसद माफी मांग लेते हैं या प्रमाणित कर देते हैं।

राहुल गांधी ने संसद में क्या कहा?

आपको बता दें, संसद में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) डेटा सुरक्षा और जियोपॉलिटिकल हालातों को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दबाव में आकर “देश को बेच दिया है” और अमेरिका के सामने “सरेंडर” कर दिया है। राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को एकतरफा बताया है। केंद्र सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है, उन्होंने किसानों के हितों को कुचल दिया है। मौजूदा सरकार ने अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता किया है वह अभी तक किसी पीएम ने नहीं किया।

Created On :   12 Feb 2026 6:38 PM IST

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