विधान परिषद चुनाव 2026: दो निर्दलीय MLC के BJP में शामिल होने पर घमासान, NDA गठबंधन में शामिल जेडीयू से लेकर विपक्षी दलों ने साधा निशाना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के 2 निर्दलीय MLC के भाजपा में शामिल होने को लेकर JDU नेता उमेश कुशवाहा के बयान पर RJD नेता मनोज झा ने पलटवार किया। आरजेडी नेता ने कहा जो चीज प्रावधान से अलग है और उसकी आत्मा को मारता है प्रदेश अध्यक्ष को उस पर बोलना चाहिए था। हमने तो कोई अपनी मर्जी से बोला नहीं था। हमने दसवीं अनुसूची को उद्धृत किया और उदाहरण दिए। हमने पर्ची दिखाई जो दोनों के हाथ में थी। हमने उनकी वीडियो बाइट्स दिखाई। उसके बाद भी अगर सभापति निर्णय नहीं लेते हैं, तो सभापति का निर्णय हो रहा है कि आप कौन हैं और कहां खड़े हैं। लोकतंत्र में ये चीजें महत्वपूर्ण हैं। मेरा बिल्कुल मानना है कि अगर इनकी योग्यता रद्द नहीं की गई प्रावधानों के अंतर्गत तो मैं समझता हूं कि ज्ञानेश क्या हैं। हर जगह इन्होंने ज्ञानेश बिठा रखे हैं।
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आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और मनोज झा ने दोनों निर्दलीय MLC की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। उन्होंने इसे संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। जन सुराज के प्रमुख और विधायक प्रशांत किशोर ने भी यही मांग उठाई है। जबकि जेडीयू नेता आनंद पुष्कर ने पार्टी अधिकृत उम्मीदवारों को हराने वालों के NDA में शामिल होने पर नाराजगी जताई है।
आपको बता दें बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज दो निर्दलीय एमएलसी के बीजेपी में शामिल होने के दावे और बाद में समर्थन बताने से बिहार की राजनीति गरमा गई है। कुछ दिन पहले दोनों नेता बीजेपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें पार्टी की सदस्यता की पर्ची लेते हुए देखा गया और उन्होंने मीडिया के सामने बीजेपी में शामिल होने की बात कही।
इसे लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने निर्दलीय एमएलसी (MLC) राहुल राज और अन्य नेताओं की बीजेपी में वापसी और एनडीए की सीटों पर हुए घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जताई, जेडीयू नेता ने सवाल उठाते हुए कहा 6 साल के बैन का क्या हुआ?" इस दौरान उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की बात बीजेपी को याद दिलाई।
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दलबदल विरोधी कानून (संविधान की 10वीं अनुसूची) के तहत सदस्यता जाने के खतरे और बढ़ते विवाद के बाद, दोनों नेताओं ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है, बल्कि केवल NDA सरकार को अपना समर्थन दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी यही सफाई दी है कि उन्होंने पार्टी ज्वाइन नहीं की है, सिर्फ समर्थन दिया है।
इससे पहले जेडीयू प्रदेशाध्यक्ष ने अनंत सिंह को लेकर बयान दिया था कि अनंत सिंह की पार्टी विरोधी गतिविधियों और सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी को लेकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर सबूत विधानसभा अध्यक्ष के सचिव को सौंपे गए थे। JDU नेता राजीव रंजन ने कहा अभी विधान परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। इनमें हमारे विजयी और पराजित दोनों ही श्रेणी के उम्मीदवारों को 5 नवंबर को समीक्षा बैठक में बुलाया गया है। इसमें उम्मीदवारों ने क्या महसूस किया? उनके पास क्या-क्या जानकारियां हैं, इन सब पर चर्चा होगी।
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