Datia By-election 2026: बीजेपी का गढ़ भेदने वाले घनश्याम सिंह दतिया से पहले भी रह चुके हैं विधायक, बीजेपी के आशुतोष तिवारी को भारी मतों से हराया

बीजेपी का गढ़ भेदने वाले घनश्याम सिंह दतिया से पहले भी रह चुके हैं विधायक, बीजेपी के आशुतोष तिवारी को भारी मतों से हराया
कांग्रेस और जनता ने दतिया उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया ,वरिष्ठ नेता घनश्याम सिंह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है।

डिजिटल डेस्क,भोपाल। मध्यप्रदेश में दतिया उपचुनाव में भाजपा को हराने वाले कांग्रेस कैंडिडेट घनश्याम सिंह बढ़त बनाकर सियासी चर्चाओं में हैं। वैसे तो घनश्याम सिंह राजघराने से नाता रखते है,पर उनकी राजनीति केवल राजघराने की पहचान तक सीमित नहीं रही, वे कई बार विधायक रह चुके हैं।

वरिष्ठ नेता घनश्याम सिंह दतिया की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा है, वो लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। कांग्रेस और जनता ने दतिया उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया है। उनकी पहचान केवल एक राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि जनता के बीच एक्टिव नेता के तौर पर होती है।

69 वर्षीय घनश्याम सिंह दतिया निर्वाचन क्षेत्र के 22वें खंड में क्रमांक 108वें भाग में मतदाता के रूप में पंजीकृत है, उन्होंने किशोरी रमन कॉलेज, मथुरा, उत्तर प्रदेश और आगरा विश्वविद्यालय से 1976 में स्नातकोत्तर एमए अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। 1993 और 1998 में दतिया से विधानसभा चुनाव जीते, 2018 में सेवढ़ा से विधानसभा जीते । 2003 में दतिया, 2013 और 2023 में सेवढ़ा से विधायक का चुनाव हार गए थे।

घनश्याम सिंह का सियासी सफर उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा है। वो 1993 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। उन्होंने संगठन और जनता के बीच अपनी सक्रियता जारी रखी, कुछ सालों बाद दोबारा विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। सेवढ़ा विधानसभा से चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की। दतिया उपचुनाव के अंतिम नतीजे सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं होगा, बल्कि ये दोनों प्रमुख दलों बीजेपी -कांग्रेस के लिए नई राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

Created On :   3 Aug 2026 5:19 PM IST

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