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एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले अरपिंदर ने रचा इतिहास, IAAF कॉन्टिनेंटल कप में जीता ब्रॉन्ज

September 10th, 2018 09:43 IST

हाईलाइट

  • अरपिंदर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है।
  • अरपिंदर ने रविवार को IAAF कॉन्टिनेंटल कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
  • वह इस टूर्नमेंट में कोई भी मेडल जीतने वाले पहले भारतीय हैं।

डिजिटल डेस्क,ओस्तरावा।  एशियन गेम्स 2018 के मेंस ट्रिपल जंप इवेंट में गोल्ड जीतने वाले अरपिंदर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। अरपिंदर ने रविवार को IAAF कॉन्टिनेंटल कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। वह इस टूर्नामेंट में  कोई भी मेडल जीतने वाले पहले भारतीय हैं। अरपिंदर ने अपनी पहली जंप में 16.59 मीटर के निशान को छुआ। इसके बाद अगले दो प्रयासों में उन्होंने 16.33 मीटर के मार्क को छुआ। अपने इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत वह ब्रॉन्ज जीतने में कामयाब रहे।

अमेरिका के मौजूदा ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियन क्रिस्टियन टेलर ने 17.59 मीटर जंप लगाकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं बुर्किना फासो के ह्यूज फैब्राइस जांगो 17.02 मीटर कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर अपने नाम किया। कोई भी भारतीय अब तक IAAF कांटिनेंटल कप में पदक नहीं जीत पाया है। 25 वर्षीय अरपिंदर इस टूर्नामेंट में एशिया पैसेफिक टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। यह टूर्नामेंट हर साल आयोजित किया जाता है। इसे 2010 से पहले IAAF वर्ल्ड कप के नाम से जाना जाता था।

बता दें कि इंडोनेशिया में संपन्न हुए एशियन गेम्स में अरपिंदर सिंह मेन्स ट्रिपल जंप में गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने थे। एशियन गेम्स में उनसे पहले मोहिंदर सिंह गिल ने 1970 में 16.11 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ गोल्ड जीता था। अरपिंदर ने छह प्रयासों में 16.77 मी के बेस्ट जंप के साथ यह मेडल जीता था।

अरपिंदर सिंह का जन्म 30 दिसंबर,1992 को पंजाब के अमृतसर जिले के हर्षा छिना गांव में हुआ था। 22 साल की उम्र में उन्होंने ग्लासगो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। सिंह ने 2016 रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वह मेडल जीतने में कामयाब नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड में 16.61 मीटर के जंप के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहे। हालांकि वह यहां पर भी मेडल जीतने से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद उन्होंने एसएस पन्नू की कोचिंग में जमकर मेहनत की और एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड जीतने में सफल रहे। 

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