दैनिक भास्कर हिंदी: डोप टेस्ट में फंसी संजीता चानू बोलीं- मणिपुर सीएम ने किया है मदद का वादा

June 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, इम्फाल। डोप टेस्ट में फंसी कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट वेटलिफ्टर संजीता चानू ने एक बार फिर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि सैम्पल नम्बर में गड़बड़ी के कारण उन्हें यह सब भूगतना पड़ रहा है। चानू ने  कहा है कि उन्होंने अपने निर्दोष होने के सुबूत मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह को दिखाए हैं और सीएम ने उन्हें इस विवाद को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया है।

संजीता ने कहा, 'इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने जो मुझे सैम्पल नम्बर दिया था वह रिपोर्ट में दिखाई दे रहे सैम्पल नम्बर से अलग है। मुझे नहीं पता कि किसकी रिपोर्ट मेरे नाम से जारी की गई है। मैंने इस सम्बंध में मणिपुर के मुख्यमंत्री जी से मुलाकात की और उन्हें सारे प्रमाण दिखाए। उन्होंने वादा किया है कि वे इस मामले में जल्द एक्शन लेंगे। उन्होंने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को एक पत्र लिखकर सस्पेंशन के ऑर्डर पर रिव्यू करने के लिए कहा है।' गौरतलब है कि 15 मई को IWF ने संजीता चानू को डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर 4 साल का बैन लगा दिया  था।

 


संजीता शुरू से ही अपने ऊपर लगे इस आरोप को खारिज करती रही हैं। डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए  जाने पर उन्होंने कहा था  कि लैब सैम्पल के आइडेंटिफिकेशन में कोई बड़ी गलती हुई है, उन्होंने किसी दवा का सेवन नहीं किया है। इस सम्बंध में मणिपुर सीएम बीरेन सिंह भी खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ को पत्र लिख इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर चुके हैं।

संगीता चानू ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है, 'मुझे जो सैम्पल का रिकॉर्ड दिखाया गया, उसमें टॉप पर 1599000 लिखा हुआ है, वहीं चौथे पैरा में यह नम्बर 1599176 लिखा हुआ है। यह साफ है कि सैम्पल के आइडेंटिफिकेशन में गड़बड़ है। मैंने कुछ गलत नहीं किया है।' बता दें कि 2018 के गोल्ड कॉस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली चानू ने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड जीता था।