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गांगुली को उम्मीद आस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का एकांतवास कार्यकाल कम होगा

July 12th, 2020 13:30 IST
 गांगुली को उम्मीद आस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का एकांतवास कार्यकाल कम होगा

हाईलाइट

  • गांगुली को उम्मीद आस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का एकांतवास कार्यकाल कम होगा

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि जब भारतीय टीम आस्ट्रेलिया का दौरा करने जाएगी तो एकांतवास की समय सीमा कम की जाएगी।

भारत को दिसंबर-जनवरी में आस्ट्रेलिया का दौरा करना है।

गांगुली ने इंडिया टुडे से कहा, हमने दौरे की पुष्टि कर दी है। दिसंबर में हम वहां जाएंगे। हमें उम्मीद है कि एकांतवास के जो दिन हैं वो कम होंगे क्योंकि हम नहीं चाहते कि खिलाड़ी इतनी दूर जाकर दो सप्ताह तक होटल के कमरे में बैठे रहें। यह काफी तनावग्रस्त और निराशा वाली बात होगी।

उन्होंने कहा, जैसा मैंने कहा कि आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड अच्छी स्थिति में हैं, सिर्फ मेलबर्न को छोड़कर। इसलिए इस बात को ध्यान रखते हुए हम वहां जा रहे हैं और उम्मीद है कि एकांतवास के दिन कम होंगें और हम क्रिकेट में जल्द वापसी करेंगे।

भारत ने अपने पिछले आस्ट्रेलियाई दौरे पर जीत हासिल की थी और इतिहास रचा था। गांगुली ने कहा कि भारत का सामना इस बार अलग आस्ट्रेलियाई टीम से होगा।

उन्होंने कहा, यह मुश्किल सीरीज होने वाली है। यह सीरीज वैसी नहीं होगी जिस तरह से दो साल पहले हुई थी। यह आस्ट्रेलियाई टीम काफी मजबूत है, लेकिन हमारी टीम भी काफी अच्छी है।

उन्होंने कहा, हमारे पास बल्लेबाजी है, हमारे पास गेंदबाजी है। हमें सिर्फ अच्छे बल्लेबाज चाहिए। सर्वश्रेष्ठ टीमें विदेशों में अच्छी बल्लेबाजी करती हैं।

उन्होंने कहा, जब हम आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान में सफल हो रहे थे तब हम 400-500-600 रन बना रहे थे। मैंने यह बात विराट से भी कही थी।

गांगुली ने कहा कि कोहली की कप्तानी के लिहाज से भी यह सीरीज काफी अहम है।

उन्होंने कहा, आप विराट कोहली हो। आपके पैमाने काफी ऊंचे हैं। जब आप मैदान पर खेलने उतरते हो, अपनी टीम के साथ जाते हो, मैं टीवी पर देखता हूं तो आपसे उम्मीद करता हूं कि आप आस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा खेलोगे। उनकी कप्तानी के लिहाज से भी यह सीरीज काफी अहम होने वाली है, विश्व कप से भी ज्यादा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।