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तारीफ: पोलक ने कहा, भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अच्छा संतुलन

June 15th, 2020 11:24 IST
तारीफ: पोलक ने कहा, भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अच्छा संतुलन

हाईलाइट

  • भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अच्छा संतुलन : पोलक

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेट कप्तान शॉन पोलक ने रविवार को कहा कि, भारतीय टीम इस समय बहुत मजबूत स्थिति में है क्योंकि उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण अच्छा है। पोलक ने साथ ही कहा कि टीम में स्थान पाने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है जो भारतीय टीम के लिए और भी अच्छी बात है। पोलक ने सोनी नेटवर्क पर पिट स्टॉप शो पर कहा, भारतीय टीम इस समय काफी मजबूत स्थिति में है (जहां तक तेज गेंदबाजी की बात है)। गेंदबाजी में गहराई, आपके पास जितनी विविधता है, आपके पास कुछ लंबे खिलाड़ी हैं तो कुछ छोटे, तेज, योग्य, गेंद को हिलाने वाले गेंदबाज हैं। आप उन लोगों के बीच में से चुन सकते हैं, आपके पास अच्छा संतुलन है।

शॉन पोलक ने कहा, अगर आप तीन तेज गेंदबाजों और चार गेंदबाजों के साथ खेलना चाहते हैं तो आपके पास वो खिलाड़ी हैं जो खेल सकते हैं। वो दिन गए जब आपके पास जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद थे, लेकिन उनके विकल्प नहीं..जैसे दक्षिण अफ्रीका में थे। तीसरा गेंदबाज और बैकअप गेंदबाज..वो हो सकता है कि उस समय उस स्तर के न रहे हों। मुझे यही लगता कि इसी कमी को भारत ने सुधारा है।

दाएं हाथ के पूर्व गेंदबाज ने कहा, मुझे लगता है कि आप लोग अच्छी स्थिति में हैं और आपके पास क्वालिटी है। टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा भी है। मेरी कल जसप्रीत बुमराह से बात हुई थी और वह कह रहे थे कि यह अच्छी बात है कि हर कोई प्रतिस्पर्धा कर रहा है, खेलने को तैयार है, आपको लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होता है। अगर आपके कुछ मैच अच्छे नहीं जाते हैं तो कोई और आकर आपका स्थान ले सकता है। इसलिए भारत में स्थिति अच्छी है।

सलाइवा पर बैन को लेकर पोलक ने कहा कि उम्मीद है कि यह ज्यादा दिन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, आप गेंद पर पसीने का उपयोग कर सकते हैं। उम्मीद है कि हमें इसे लंबे समय तक नहीं करना पड़े। उम्मीद है कि यह तीन-छह महीने से ज्यादा नहीं होगा और इसके बाद हम सामान्य स्थिति में आ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर न्यूजीलैंड, उन्होंने घरेलू लीग शुरू कर दी है और वहां यह मुद्दा नहीं होगा क्योंकि उनके यहां वायरस नहीं है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।