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लीड्स वनडे 8 विकेट से जीता इंग्लैंड, कोहली की कप्तानी में पहली सीरीज हारी इंडिया

July 18th, 2018 11:34 IST
लीड्स वनडे 8 विकेट से जीता इंग्लैंड, कोहली की कप्तानी में पहली सीरीज हारी इंडिया

हाईलाइट

  • इंग्लैंड ने टॉस जीता, पहले गेंदबाजी का फैसला।
  • तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-1 से बराबर हैं इंडिया और इंग्लैंड।

डिजिटल डेस्क, लीड्स। इंग्लैंड ने लीड्स वनडे में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है। अंतिम मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के सामने 257 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे मेजबान टीम ने महज 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जो रूट के शतक और कप्तान इयान मोर्गन की 88 रन की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित लक्ष्य महज 44.3 ओवर में ही हासिल कर लिया। मैन ऑफ द मैच आदिल रशिद को चुना गया, जिन्होंने 49 रन देकर तीन विकेट झटके। वहीं जो रूट को मैन ऑफ दी सीरीज चुना गया। बता दें कि विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने यह पहली वनडे सीरीज हारी है।

लीड्स के हेंडिग्ले स्टेडियम में खेले गए सीरीज के अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली के 71 और धोनी के 42 रनों की मदद से 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। 257 के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने मजबूत शुरुआत की और पहले विकेट के लिए विंस और बेयरस्टो ने 43 रन जोड़े। बेयरस्टो ने 13 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 30 रन की पारी खेली। उन्हें शार्दुल ठाकुर ने आउट किया। वहीं 10वें ओवर में विंस भी 27 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए पिछले मैच के हीरो रूट ने कप्तान मोर्गन के साथ मोर्चा संभाला। इन दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 186 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड को आसानी से जीत दिला दी। रूट ने 100 और मोर्गन ने 88 रन बनाए।

इससे पहले अपने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों को खुलने का मौका नहीं दिया। विली ने छठे ओवर में ही टीम इंडिया के ओपनर रोहित शर्मा को चलता कर दिया। रोहित शर्मा महज 2 रन बना सके। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान कोहली ने धवन के साथ मोर्चा संभालते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 71 रन के साझेदारी की। धवन ने 18वें ओवर में रन आउट होने से पहले 49 गेंदों में सात चौकों की मदद से 44 रन बनाए। चौथे नं. पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश कार्तिक ने कोहली का साथ निभाते हुए 41 रन की साझेदारी निभाई। हालांकि कार्तिक भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 21 रन पर आदिल रशीद ने उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद दिग्गज बल्लेबाज धोनी मैदान पर उतरे और कोहली के साथ 31 रनों की पार्टनरशिप की। यहां कोहली आदिल रशीद के बेहतरीन गेंद पर बोल्ड हो गए। आउट होने से पहले कोहली ने 72 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 71 रन बनाए।

इसके बाद बल्लेबाजी करने आए रैना पूरी तरह से फ्लॉप रहे और चौथी ही गेंद पर रूट को कैच थमा बैठे। हालांकि धोनी ने दूसरे छोर को संभाले रखा और हार्दिक पंड्या ने उनका अच्छा साथ दिया। आउट होने से पहले पंड्या ने 21 गेंदों पर सौ के स्ट्राइक रेट से 21 रन बनाए। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज भी इसके बाद ज्यादा देर टिक नहीं सके और 66 गेंद पर चार चौके की मदद से 42 रन बनाकर आउट हो गए। लगातार गिरते विकेट से भारतीय टीम ऊबर नहीं सकी और 8 विकेट खोकर 256 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की तरफ से विली और आदिल रशीद ने 3-3 विकेट लिए और मार्क वुड ने 1 विकेट लिया।

टींमें :

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, हार्दिक पंड्या,कुलदीप यादव,युजवेंद्र चहल, दिनेश कार्तिक,भुवनेश्वर कुमार,शार्दुल ठाकुर।

इंग्लैंड: जेम्स विंस,जानी बेयरस्टो, जो रूट, इयॉन मोर्गन, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मोईन अली, डेविड विली, आदिल रशीद, लियम प्लंकेट, मार्क वुड

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।