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एशियन गेम्स: 36 साल बाद भारत ने 800मी रेस में जीता सोना, मंजीत बने गोल्डन बॉय

August 29th, 2018 11:51 IST

हाईलाइट

  • भारत ने 36 साल बाद 800मी रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
  • मंजीत सिंह ने मंगलवार को मेन्स 800मी रेस में गोल्ड मेडल जीता।
  • जिन्सन जॉनसन ने इसी इवेंट में दूसरे स्थान पर रहे।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। एशियन गेम्स में भारत ने 36 साल बाद 800मी रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। भारत के मंजीत सिंह ने मंगलवार को मेन्स 800मी रेस में गोल्ड मेडल जीता। वहीं जिन्सन जॉनसन इसी इवेंट में दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर से संतोष करना पड़ा। 1982 में भारत के चार्ल्स बोर्रोमो ने 800मी रेस में आखिरी गोल्ड में जीता था। पुरुषों की 800मी रेस में भारत का 18 एशियाड में यह छठा गोल्ड मेडल था।

इस रेस में मंजीत (गोल्ड) और जॉनसन (सिल्वर) ने एक और अनूठा रिकॉर्ड भी कायम किया। भारत ने तीसरी बार इस इवेंट में एकसाथ दो मेडल हासिल किये हैं। इससे पहले 1951 में रणजीत सिंह ने गोल्ड, जबकि कुलवंत सिंह ने सिल्वर जीता था। वहीं 1962 में दलजीत सिंह ने सिल्वर और अमृत पाल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 


28 वर्षीय मंजीत सिंह ने मैदान पर सभी खिलाड़ियों को आश्चर्यचकित करते हुए यह रेस जीती। उन्होंने इस रेस में 1: 46.15 का समय लिया। फाइनल रेस में मंजीत ने धीमी शुरुआत की। रेस के पहले लैप में वह काफी पीछे थे। वहीं जॉनसन तीसरे स्थान पर थे। दूसरे लैप में मंजीत ने धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाते हुए टॉप पांच में पहुंच गए। मंजीत ने इस वक्त एक शानदार स्ट्रैट्जी अपनाई। उन्होंने अंतिम लैप तक खुद के स्ट्रैंथ को बचाए रखा। आखिरी लैप में जब शुरुआत के चार रेसर थक गए, तब उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए फर्स्ट पोजिशन हासिल की और रेस जीतकर गोल्ड अपने नाम किया।

इससे पहले मंजीत 2013 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रहे थे। वहीं फेडरेशन कप में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था। जून में मंजीत ने 58वें नेशनल स्टेट चैंपियनशिप में नया 800मी रेस में नया रिकॉर्ड भी कायम किया था और एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था। वहीं सिल्वर जीतने वाले जॉनसन सेमीफाइनल में अपने हीट में टॉप पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।